मृत्यु हीन | Mrityu Heen

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Mrityu Heen by विमल मित्र - Vimal Mitra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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शाएचय॑ की बात है ! विद्ुष को दिलचस्प लगा । अत्पताल से कहाँ मरीज भागता है ? जाकर चीनी मुहल्ले में देखो--ल्यां तोयां के चंडराने में 1 हो सकता है अब तक घिलम से दम लगाकर लुढक गया हो और सर पर ईंट मारकर बेहोश पड़ा हो, या केले, के बगीचे के जंगल के बीच होगा । अगर वहां जाकर छुपा होगा तो अब तक वया ज़िन्दा होगा ? हो सकता है, जंगली सुअर ही उसे चट कर गए हों 17 विधवा बूड़ो मांतु के कानों में भनक पहुंची । उस तरफ भीड़-भाड़ देखकर पूछा, “क्या हुआ है जी ?” उप्तकी बात का उत्तर किस्ली ने न दिया । विधवा मांतु की बातों का कोई कभी उत्तर नही देता है । हाय में संडसी लिए बाहर निकेलकर दातों के डॉक्टर ने पूछा, “वया हुआ 27 विलसन साहब की गाड़ी यमदुत की तरह सरसराती हुई भा रही थी । भीड़-भाड़ देखकर एक क्षण रोक ले, सो नहीं । वाप रे बाप ! गर्दन पर चला देगा क्या ? भागो'**मभागो**“अहंकार से ड्राइवर झमीत पर प्रांव ही नही रखता | लोगों की जमांत हटकर खड़ी ही गई भौर गाड़ी सांग्रं-साथं करती करीब से निकल गई। चलती हुईं गाडी से विलसन साहब को वुडबुड़ाहट सुनाई पढ़ी, “ब्लडी स्वाइन **/ लोगों की जमात हर तरफ से धूम-धामकर अस्पताल लौट आई 1 एक- एक कोना ढूढ़ मारा, लेकिन कही न मिला । कर्नल वाटसन गुस्से से उवलने लगे। मोटे घश्मे के अन्दर की आों की आकृति स्पष्ट ने हुई। सामने छड़ी मेद्रन कांपने लगी । “तुम लोगों ने कह्ां-कहां तलाश की ?” करनल वाटसन ने गंभीर स्वर में पूछा | हुजूर का हुक्म मिलते ही उन लोगों ने कोई कोना बाकी न रखा। शहर छान डाला है। चीनी मुहल्ला, मछुमा टोली, उत्तरी मुहल्ला, केले के बगीचे सब*** ब्जदह्यज पर गए थे--जहाज़ के बन्दर बौर बाहर *?”




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