महाभारत का सौप्तिक पर्व | Mahabharat Ka Sauptikaparv

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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(1275 ) दिवपएध४ 1 सीप्तिकपदे (७२७५ अश्बत्याभावादँ ! प्पमेव तथारथ रद माठुलइ न संदाधः तसतु प्रमप सेलुः शवघा चिदकीकृत+ ॥ १८॥ प्रस्थस्त समिपालानां भधताब्चापि सन्रिजे न्‍्यस्तदासत्रो भस पिता घृष्चुम्नेय पातितः ॥ १९, ॥ क्ृणम्ध पतिते चक्क श्थहप श्थिनां घरः। उच्षमे ध्यस्त सन्‍नो एतो गाष्णोवघप्वता ॥ २० तथा शान्तनदरो माष्मो ध्यप्तदाओं निरा युयः | शिपण्डित प्ररछृत्व दतो गाण्डीव्यामित ॥ २१ | सूरिभ्रया महष्दासस्तथा प्राषगतो रणे। प्लोशर्ता शूमियालादा सुसयुषानेद पशतितः ॥ २०२ # चुयोचनब्ध भीमय सम्ेत्य शद्‌दा रण । पएपता सूमिपालानामधक्वैण निषातितः ॥ २१ ॥ एक!को चहुामि स्‍्तञ्न॒ परिदावे प्रारयः । रूम गरप्यारों मीमसेनवन पातित, ॥ २४ ॥ विल्वापो भष्नसक्थस्थ यो शहर: एरिह्रतः। धातिकानां फचयतां छ में भर्माणि कृन्तति॥२७५ ॥ बुषष्याघार्िकाः पापा: पभ्चाछा सिम्तलेतवः ।तातेव मिन्‍नमय्पदिव।ँ सवाध बोके हे मावादी नेसा आप करते हू बह निरसन्देह वेसादी है परन्तु प्रथय उन पाणदबोनेद्दी इस पर्मरूपी पुलकों तोदाई । १८ । श्र त्यागनेवाला मेरापिता राजाओं के समत्तमें भापलोमों के भी देखतेहये धृष्टएम्न के हाथसे गिरायागया 1 १९ | रथियोमे भ्ष्ठ कर रथ चक्रके शथ्वीमघुमनानेपर बड़े दुःखमें हूबाहुआ उस अजुनदो हायते पारागणा । २० । इसीमकार श्र त्यागनेवाले पनुप भादिकसे संहत एन्तनुक्े पुथ्र भीष्पणी थे शिखंदाको भगेकरके भर्जुनके हायमे मारेगये 1२१ । ईसीमकाए युद्धमें शरीर स्पागने के निम्तिच वैठाहुआ भूरिभ्त्रा राजाओं के पुकारतेइुये सात्याकैके हाथस मारागया। २२ । दुर्य्पोधन गदासमेत भैममनके सम्मुण होकर रामाओंके देखते अधम्मसे मारागपा । २३ । वहाँ भकेला मरोत्तम बहुत रथियंसि घिरकर अप युक्त भामसेनके हाथते गिरायागया ॥ २४ । मेंने दुर्तोंके मुखसे टूटी जेघादाले राजाका जो विलाप सुना वह परे मस्थलों को काट ताहै । २५ । उस प्रकारस पांचालदेशी लोग भरधर्थी और पापी हैं मिनका कि धरमेका पुछूदूट गयाँह भाप हसप्रकारंस उन बे मर्यादबरालोंकी मिन्‍दा नहीं करतेशे जं०ष 8907[प १९०७३ बीए पिणय इचणा + कैशा।णा3 81 88. 106 फ्रफ्नां(8 1 ग60च ६99760, 420 (छ5 &शाए४५का95 7जूजीं०्वे, ५ एै७घ डए७७) 10 धापत प्राल॑० २1४ धा७ एशा५१एघ्क 18976 एए३४१ए 07०:श1 पा0०(फ1086 ० एक, कैए 60 छ110 181 1कंते बंप 118. क्ूएजाड, जक३ छोक्षा। 9 िग्राव॥,1809 एफ गंध एणा ०च्चए फृरब00600,. सुंबका 18 ता8ए९४६ 0 एकांत णद्ब हीकात फिए 4710७ च०॥ दा 100] ता छांड (87 ०४ 8६ए० गा. गापएं,. 20... 8 कोगए फ%धिफ पर6 8णा ० 5087१, एाधि०ए५ बन्चाह छाते चछ1एतणा5, कम्क शोर छ् तप 1७1 फऐच डिभंदोार्फ, पृ (19 अक्राए8. ग्रध्याण, उिधष्रेकए७४२७, जी० पष्पे €जछ-घर्ते प्रॉंषाइजस ६० ऐेल्वधा वार ० गज ते छात्र, एव. शैकंछ फ़छ 84६४-८४ 19 शृ॑।8 छा #06 दाग्र०प्रडधब(णाड री जू। धा९ ऋष्घापणर, व2प०ए9०कोछा क्र पाुप०ए ६ एड ऊधांत व घै० एका९७ ण 2] धार कांगडव,. फ्र० 7००बॉ१७प दा पराशिए ऐ0०७ छोर 16 जन बाणाल जाएं 16 शार्णाए. हपाए०पशवे अरे मिल कक नकइडकल लि अ ० मकर मिल लि लग मय वटइनलनर कार मर. १ा ० मम हमलक८+३० १० नव




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