श्रीमद्भगवद्गीता संस्कृत तथा भाषा टीका सहित | Srimadbhagawadgeeta Sanskrit Tatha Bhashateeka Sahita
श्रेणी : धार्मिक / Religious

[adinserter block="2"]
Read More About Vedvyas
Add Infomation AboutHarikrishnadas Goyndka
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
420
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
वेदव्यास - Vedvyas
Ved Vyas was a great and known poet during time of Mahabharat. He was the son of Satyawati and also was a step son of King Shantanu of Hastinapur. He wrote the book Mahabharata in which he told about the great war which happened almost 5000 years ago from now. He was also the writer of Shiva Purana and Vishnu Purana which were very important books in Hinduism. He was given the degree of Ved Vyasa.
हरिकृष्णदास गोयन्दका - Harikrishnadas Goyndka
No Information available about हरिकृष्णदास गोयन्दका - Harikrishnadas Goyndka
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१२ ] श्रीमद्भगवद्वीत प्र० अणपान् व्यवस्थितान् युद्धाय कृतन्यवस्यान् सज्जीमृतान् दष्ट
श्रस्राणा सम्पातः शखसम्पातस्तस्मिन् शरस्रसम्पातं शच्वपंणे
पत्ते मवतितुमुचुक्तो सति धनु स्वगाएडीवघनुरुयस्य समुत्तोल्य,
आह ॥ २०॥इस के वाद भी कौरवों को युद्ध क्ते लिये प्रस्तुत और शस्त्र
लाने का समय आया दैख कर कपिध्वज अर्जुन ने अपना धघनुप
उठा लिया ॥ २० ॥हुपीकेशं तढ़ा वौकयसिद्साहसही पते ।झजुन डवाच ॥।
सेनयोरुभयोमेध्ये स्थं स्थाय सेऽच्धुत ॥२९॥
हे मद़ीपते ध्रतराषट । हृषीकेशं श्रीङृप्णमिदं चच्यमाणं वाक्यमाह
निवेदितवान् । हे ऋच्युत श्री कृष्य ! उभयोद्रेयोः सेनयोपध्यऽन्त
राले मे मम रथं स्यन्धनंस्थापय ।२९॥आर हे राजन् ! श्री ऊुप्प से कहा-हे अच्युत ! मेरा रथ दोनों
सेनाओं के चोच खड़ा करो ॥ २६॥[२यवदताच्जिसैनयोटकामानवरिधितान \
User Reviews
No Reviews | Add Yours...