पंत आधुनिक कवि | Pant Aadhunik Kavi

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
275
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)५३छायावन की रास घरती पर हुई थी । मिद्टी की प्रतिमा ने क्षणिकदिन के आलोक में जीवन का लास्य रचा था। आज भी उसके अलकों मेंसलयज बन्द है। उसकी वेणी में अग॒द धूम की इ्याम लहरियाँ उलझी हे ।कह अधरों में अमंद राग भरा है । उसकी आँखों के लाल डोरों में विहागरागिनी शूल रही है । वह अलसाई सी है । अध्यात्म या राजनीति
की छूडी से उसे न छेडिए । वह बडे सुकुमार हाथो की पत्नी हूं ।19० अमन; ००४७ ००-३४ ९----+९% #जनयामा ढ० जी जमा कडाओ,
User Reviews
No Reviews | Add Yours...