न्यायावतारवार्तिक - वृत्ति | Nyayavataravartika - vritti
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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
66 MB
कुल पष्ठ :
532
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)कलकचत्ानिवासी
साधुचरित-पश्रेष्ठिवय श्रीमद् डालचन्दजी सिंघी पृण्यस्मृतिनिमित्प्रतिष्ठापित एवं प्रकाशित[ जैन भागमिक, दार्शनिक, साहिलिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, कथातव्मक - इत्यादि विविधविषयगुम्फित ;
प्राकृत, संस्कृत, अपकन्रंश, आचीनगूजर-राजस्थानी आदि नानाभाषानिबद्ध ; सार्वजनीन पुरातन
बाझाय तथा नूतन संशोधनात्मक साहित्य प्रकाशिनी सर्वश्रेष्ठ जन अन्थावलि, ]अतिष्ठाता
भरीमदू-डाल्चन्दजी-सिधीसत्पुत्र
ख्॒० दानशील -साहित्यरसिक - संस्कृतिप्रियश्री बहादुर सिंहजी सिंधी््च्च्ल्प्जीि2ल्तय 55
ग्रधान-संम्पादक तथा संचालकआचाये जिन विजय मुनि
(सम्मान्य नियामक - भारतीय विद्या भवन-बं ब ६)सर्वेधेव संरक्षकश्री राजे छू सिंहजी सिंघी
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श्री न रे नद्र सिंह जी सिधीप्कादानकतोंसिंची जनशाख्र शिक्षापीठभारतीय विद्या भवन
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मु रक-रामचंद येस् शेडगे, निगेयसागर प्रेस, २६-१८, कोलभाद स्ट्रीउ, कालबादेवी, बंबई .२
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