कम्पनी व्यापार प्रवेशिका | Company Vyaphar Praveshika

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Company Vyaphar Praveshika by कस्तूरमल बांठिया - Kastoormal Banthiya

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१५. कम्पनी व्यापार प्रवेशिका प्कती | अत इस खसनदफो बनवामेमें बडी चोकसीसे फाम लिया जाता है। यह, सदा इस कामके अनुभवी धकीलों, चैरि- स्ट॒रों अथचा सालिसव्रोंसे बनवचाई जाती है| ये लोग कम्पनीफे ब्यापास्की पूरी पूरी दूर देशीका विचार करफे यह सनद्‌ यनाते हैं| यह सनद्‌ हर घडी नहीं चदली ज्ञा सकती। यही 'नहीं घचरन्‌ इसकी प्रत्येक धाराकों बद्लनेमें भी बडी घडी दिकत है| इसलिये सनदके घनवानेमेँ जितना सर्च पडे, उसे ब्यर्थ स्खे न समझना चाहिये। इसकी रजिस्ट्रीसे केवल इसके नीचे हस्ताक्षर करने घाले व्यक्ति ही नहीं देंधते चरन, वे सब व्यक्ति भी, जो पीछे इसके दिस्सेदार दों, सभी वद्ध हो जाते हैं। इस सनदर्मे निम्ल-लिखित घाराएँ होती हैं । (१) कम्पनीका नाम --इस धारामें कम्पनीका नाम लिखा जाता है। नामके चुनावमें कम्पदी आइन धारा ११ विशेष ध्यान देने योग्य हैं। यह विशेष प्रध्ताव द्वारा परिवत्तित पो सकती है । इस प्रस्तावकी प्रति रजिस्ट्रास्फे दपतरमें दाखिल फरना आवश्यक है । परिमित जोखम चाही कम्पनीफे नामके पीछे “छिमिटैड ? ( 1071600 ) शब्द छगा रहना चाहिये । इस शब्दुका प्रयोग फेचछ अपरिमित जोखम घाली अथवा परोपकारी व छामके लिये नहीं चलाई गई कम्पनियोंफे लिये माफ है! (२ )कम्पनीऊे रजिस्टडे दफ्तरका स्यान--इस धारामें उस




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