नाड़ीदर्पण | Nadidarpan

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Nadidarpan by खेमराज श्रीकृष्णदास - Khemraj Shrikrashnadas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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अस्तावना- . मित्रहों नाडी देसनेके अनेक ग्रंथ छपे है. जैसे नाडीज्ञानवरांगिणी. नाडी- विज्ञान, नादीमकाशं, नाडीविपेक ओर .बहुतसे अंथ ना्ीके लिखेहुएशी मो- जूद है परंतु जैसा यह नाडीद्पेण छपा है ऐसा ग्रंथ इस विपयमें आजतक कहीं नहीं छपा, दूसरे बहुतसे ढपोलसंस वैद्य माममात्रको ा्डी देखते है परंतु वास्तव उनको नाडी ज्ञानही नहीं है। होय केहांसें ? यो सहुरुके पास पंदे तो आंवे सी पढनेंसें तो उनकी सरम आती है परंतु विनापद़े घरवेंठे पठजावे 3- नंके बास्ते मेंने यह नाढीदपण निर्मोण करा है प्रथम इसमें आयुर्वेदोक्त नाडी देखनेकी विधी विस्तारपूर्वक लिखी है फिर यूनानी ग्रंथोंके आधारसें नब्ज परीक्षा लिखी फिर डाकटर छोग किसप्रकार देखते है उनका क्रम लिखा है और इनके यंत्रभी देखनेकी विधि सहित लिखे है केवल इस एक गाडीदर्ष- , णके देख॑नेसेही फिर अन्य नार्डीके थंथ देसनेकी बिलकुल इच्छा नहीं रहे प्रियवरों यह एक्वार ३००० तीनहजार छपाथा सो हाथोंहाथ विकगया अप फिर पहलेसें मोढा कागंद और मोदे दाइपमे छापा है फिरभी कीमत नहीं बढाई गई यह पंथ आपके हस्तगत है देसलीजिये सत्यासत्य निर्णय होजायगा आपका पं०दत्तराम चौवे मथुरानिवासी हमारे यहां दो गंथ वेथकके वहुतही उत्तम छपरहे है. एक तो भावृप्र- « काह भाषादीकासहित ऐसा भावषकाश भापानुवाइसहित न की छापा ओर न अब फिर छपेगा. नमूना देखना होय तो & ॥ टिकट नीचे लिखे ठिकानेपर भेजकर मंगाय डीजिये दूसरा चिकित्साचकवर्द्ी भाषामंथ, दारीतसंदिता-भाषार्यीका छपके तयार है की० ३ ₹० खेमराज शरीकृष्णदास अविंकटेश्वर छापाखाना मुंबई




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