शिव पुराण एक समीक्षात्मक अध्ययन | Shiv Puran Yak Samichatamak Adhayan

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutUmakant Yadav
Add Infomation AboutRajesh Kumar
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
40.54 MB
कुल पष्ठ :
420
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
उमाकांत यादव - Umakant Yadav
No Information available about उमाकांत यादव - Umakant Yadav
राजेश कुमार - Rajesh Kumar
No Information available about राजेश कुमार - Rajesh Kumar
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)कोष हैं । जिस प्रकार आज-कल विश्वकोष (इनसाइक्लोपीडिया) लिखने का प्रचलन है जिससे विस्तृत विज्ञान संक्षेप में शिक्षित जनता के ज्ञानवर्धन के लिए प्रस्तुत किया जाता हैं उसी प्रकार अग्नि नारद गरुड आदि पुराणों की रचना ज्ञान-विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की दृष्टि से को गयी है। पुराण जनता का ग्रन्थ है विद्वानों का नहीं व्यावहारिक सरल भाषा में रचित ग्रन्थ है शास्त्रीय भाषा में नहीं । उसका उद्देश्य ही है ज्ञान को सुगम बनाना । आज-कल के पापुलर-एजुकेशन की दृष्टि से इस विषय में पौराणिक दृष्टि का अनुगमन करती है ।
User Reviews
No Reviews | Add Yours...