आज के उर्दू शायर और उनकी शायरी | Aj Ke Urdu Shayer Aur Unki Shayeri

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6.62 MB
कुल पष्ठ :
294
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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तठया राजनतिक परिवर्तन है, देदा की केवल राजनतिक स्ववन्त्रा के झवा मेलिया गया घ्ीर दिद्वरोही घायर लोग” को धायरे-इंक्रिलाव' (क्ांठिकारीअर उपाधि ड कु लाँ डे “पेड” से जन इुक़्चालां एक॒हुद तक
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ही नदी जोड़” नली नि भरान्नातिवादी कवितानं को परलने में भी यही सुल की गई हैं । न्ांतिकारीचोरी-छुप्पे वर्दी, लाखों ऊवानों पर झाई श्रौर वहुवन्से लोग स्टेज परकवितार्वे न होने पर भी इन कविताओं ने आाज की
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राष्ट्र को धंग्रेजी सान्नाज्य के विरुद्ध उमारा; प्रतिल्यावादी संस्वाश्रों का भंडा-
फोड़ स्या, सूटता, धर्म-सम्दन्वी उत्नाद, अन्वविश्वास आर परम्परागत
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सहू गमं हो जाता है श्रौर अपने देय, झपनी जाति, धपनी सम्यतता,रथ उमप्दा “ दगसा निक.. जाठा
झपने साहित्य ठया कला से हमारा शम दुगना हो जाता है ।काने की प्रेरणा दी । उनके श्रव्ययन 2
काटने का नरुखा दा । उनकं अष्ययन ने झाण भी हमारा
मदता, सच्झति भर र्
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