चक्र दत्त | Chakra Datt
श्रेणी : स्वास्थ्य / Health

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutGanga Vishnu Shrikrishnadas
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
40.65 MB
कुल पष्ठ :
366
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about गंगाविष्णु श्रीकृष्णदास - Ganga Vishnu Shrikrishnadas
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(४)नवक्मदश्वस्थ-*च्टनाण *प्छरा ”प्टताा मठ प्टताा प्तरा पटक पता प्ठनाा पटल “पा पहला प्टेनाा धन पक एस्ला भला ४” प्लस प्लाजा +चटशाानप्लजाच्टजाप्टतााप्टा गापटाा चला प्लता के कर की हवा_विषयाःप्ोंका:जरथ हृद्वोगाथिव्ार१ ।दावातजहुद्रोगाचि किस्सा
पिप्पल्यादि चूणस
- सागरकाथ: -
पित्त जह्लद्रोंग चिकिंट्सा
नये उपाया:
शीरप्रयोग:
ककुभचूणस्
कफजह्द्रोगाचि किस्सा!
चिदोपज ट्डद्रोंग चि कित्सा
पुण्करमूलचणम
गोघूमपाधेप्रयोग:
यो घूमा दिछाप्सिका
नांगबलादिचूणसू
हिंग्वादिचूणस्
ददमूलव्ाथ:
पाठादिचूर्णसू
सगयज भस्म ।
क्रिमिडद्रोगाचिकित्सा
चक्लभकं छूतसू
श्व्दे्रादय छुतम्
चलाजुनघुत्तद्वयम्उवथ सूचझच्छा थे कार: 1चातजमूजकूच्ट्ूद वि केत्सा
अम्त्तादिक्वाथ:
पिप्तजकूच्छाचि शित्सा
चणप्चमूछमू,चातावयों दिक्ाध:दरीतक्यादिक्वाथ:
रुडामलकयोग:
एवांसवीजादिचुणमू
कफजाचि किर्सा
न्रिदोपजाचिषकेत्सा
चुद्दत्यादिक्वाथ:
उत्पातिभिदेन विकिर्सामेद:
, एलादिक्तीरस
रक्तजमूचकुच्छाचि किर्सा
_ किकण्टकादिकवायर्न८डे
रसतेश्दश्द्शुउच्रेउड़डे
श्द्र्र्घ्दे. | छणपच्चमूछघूतसुचिपया: पु्ांकाःश्द्दवरएलादिचूणम
छीहयोंग:यन्नक्ार्योंग:
धतावय्यादिषते क्षांर वा
जिकण्टकादिसर्पि:
सुक्मारछुमारकं घूतमह्श
5डेअजथ सूचाघाताधिकार:सामान्यक्रम:
वचिविधा योगा
डी
नलांदेक्वाथ:
पाषाणयेंदकाथ:
उपायान्तरस् डर
आतिवन्यनाजमूनाघाता चाक्धि० १६५४
चित्रकायं छतस,अर्थाइसयेधिकार$ 1वरुणादिक्वाथ: -
वारतरादिक्वाथ:
उझुण्ठयादिक्वाध:
पापाणभेदाययं घतम
उपकादेगण:
कुशायय घूतसू
रूफजाइसरी प्विकित्सा
चरुणादिंगण:
विविधा योगा:
नागसयादेक्वाथ:
वरुणादिक्वाध:
स्व्देट्रादिक्वाथ:
श्वर्द रादि कर्क :अन्यें योगा:
एलांदिक्वाथ:
जिकण्टकचचर्णस
पाषाणभ दाद चणस
झुछर्थाद्य छुतमूशर्तश्र
ग््द
ट्रकशहर२६५
त्र्ञ
श्रश्द्घ
श्र
श्र
तर
3रद
ग्र्द
श्र्ज
ग्3
- और
ड््श्र
ज््ठर
ड्र्त
उन
श्द््ट
“
वरुणायय छुततसू
सन्धवर्वीरत्तरा३द्तिल मूक्रगमश्रश्घ्ट्ठेकेचनो पाया:विपया: पप्ांका:बरुणाद्यं सैठमू श्द्ट
यास्त्रचिकित्सा ः भाअथ भमेदाधिकार: 1.
१६५ड़
मर
उठ
शर्तश्ऊठपथ्यम्
अपमेहापह्ा अड्टी क््वाधा।
रुक्रमेहृदर: काथः:
फेनमेह्दर: क्वाथ
कपायचतुछ्यी
पण्मेहनाशका: पट क््चाथा:
कपायचतुप्यी
चातजसंइचिकित्सा
कफांपे्तमद्दाचिकित्सा
नरिदोपजमेह्दाचिकित्सा
चिविधा: चवाथा:
'चूणकलका:
न्यग्रोघायं 'चूणमू
चिकण्टकाया: स्नेह:
कफापित्तसेहयो: सर्पिपी
घान्वन्तर घृतम
च्यूपणादियुग्गुछ:
डिलाजलुप्रयाग:
विडंगादिलीहम,
माकिकादियोग:
मेहनादाकाविह्ारा :
प्रमेहपिथडिका वि कर्सा
बज्यानउथ स्थाल्थाधघच्दारः
स्थोल्ये पथ्यानि १७३,
श्र
ड़श्ज35रद
2
श्5
कमर
ज््श्छ्शमैश्र्त्र
उठ
श्७ने
थे
3
ड्3
श्ञ्द
2
डरव्योपादिसक्ठुयोग:
प्रयोगद्यसू
असतवादिशुग्युल्:
नवकयुग्युछ:
लोदरसायनम
जिफलायें चैलस
प्रघपप्रदेहा
भड़राग:
दलादिलेप;उतर
उनशक
35 ह
3
2
User Reviews
No Reviews | Add Yours...