गणित का इतिहास | Ganit Ka Itihas

Ganit Ka Itihas by डॉ० ब्रज मोहन - Dr. Brajmohan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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कुतज्ञता श्रकाश आभार प्रदर्देन एक कठिन कार्य होता है। उन समस्त उद्गमों का तो गिंनाना ही कठिन है जिनसे हमें सहायता मिली है। यहाँ तो हम प्रह मोटे रूप से दो चार नामों का ही उल्लेख कर सकते हैं । हम “जिन एँण्ड कम्पर्न ही के आभारी हैं जिन्होंने हमें स्मिथ की पुस्तक में से दर्जनों फोटो प्रत्युत्पादित करने की अनुन्ना दी है । हमें “डोवर पत्छिकेशंस, इन्कार्पोरेटेड” ने भी अनुगृहीत किया है । उन्हीं की असुमति से हमने निम्नलिखित पुस्तक से अनेक चित्रों का उदूघरण किया है : प,. इघ्फीद : 2 ०णालंब८ िड्घ्ठाए 0 फ8टावफिटड [5 उन हम स्क्रि्टा मेंथैमेंटिका के प्रति अपना आभार प्रदर्शन करते हैं जिन्होंने हमें अपने निम्नलिखित प्रकाशन में से कई फोटो उद्धुत करने की अनुमति दी : एठपक्तब्न(ड 0 कफ ला दी किराए (कई, हम केन्द्रीय सरकार के पुरातरंव विभाग को भी नहीं मूल सकते जिन्होंने हमें अपने प्रकाशन रतिििश्थी फशिएफ्ब्लाफुप 5. उजा।, में से दो फोटो छाप लेने की अनुजा दी । मेरे मित्र ढा० नवरत्न कपूर एम. ए., पीएच, डी. मे पुस्तक की पाण्डुर्पि की तैयारी में मेरी वड़ी सहायता की है जिसके लिए मैं कृतछृत्य हूँ । में गपने दिष्यों डा० भगवान दास अग्रवाल एम. ए., पीएच. डी. और डा० दोख मसूद एम. ए.. पीएच, डी. का भी आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने परिशिष्टों के निर्माण में मुझे सहयोग दिया है । मेरी शांजी श्रीमती उषा सहगल ने भी दाव्दावलियों की तैयारी में मेरा हाथ वेंटाया है जिसके लिए मैं अनुगृहीत हूँ । मेँ अपनें मित्र पं० निश्ञाकान्त पाठक को मी नहीं मूल सकता । प्रान्तीय सरकार की ओर से यह पुस्तक आप की ही देख रेख में प्रकाशित हुई हैं । आपने केवल अपना कतंव्य पालन ही नहीं किया है वरन्‌ इस कार्य में असावारण व्यक्तिगत रुचि दिखायी है । --नज मोहन




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