वशीकरण मंत्र | Vashiikarand-a Mantra

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
शेयर जरूर करें
Vashiikarand-a Mantra by सेठ गोविन्द दास एम्. एल. ए. Seth Govinddas M. L. A.

एक विचार :

एक विचार :

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

सेठ गोविन्ददास - Seth Govinddas के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
१४ 3 ४--उच्चाटन-किसी पुरुष या स्त्री का उससे चिर थरिचित स्थान या समाज छुड़वा देना । ६ सारणु-किसी भी प्राणी की बिना अख शेख मृत्यु कर देना | इन्हों पड प्रयोगों के लिये प्राचीन तथा नवीन मंत्र यंत्र तंत्र बनाये गये हैं । यहां पर केवल वशीकरण का ही उल्लेख किया जाता है । शान्ती-प्रयोग में रति देवी की आराधना करनी चाहिये । इसी प्रकार वशीकरण में सरस्वती स्तंभन में सच्मी विद्व शा में ज्येष्ठा उच्चाटन में दुर्गा और मारण में मद्रकाली का पूजन करना उचित है | योगायोग विचार किसी भी प्रयोग को सिद्ध करते समय दिशाशूल योगिनी चन्द्रमादि ग्रह तिथि तथा नक्तत्रादि का भी ध्यान रखना आवश्यक है । दिशाशल 6 दिशाशूल का निवास सोमवार तथा शनिवार को पूरे की ओर दोता है और गुरुवार को दक्षिण की ओर इसलिए इन तीनों वारों में वशीकरण प्रयोग सिद्ध करने




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :