उपनिषद भाग - १ | Upanishad Bhag - 1
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
Add Infomation Aboutbrahmchari vishnu
Add Infomation AboutShankar Lal Kaushalya
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
15.53 MB
कुल पष्ठ :
546
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
ब्रह्मचारी विष्णु - brahmchari vishnu
No Information available about ब्रह्मचारी विष्णु - brahmchari vishnu
शंकर लाल कौशल्य - Shankar Lal Kaushalya
No Information available about शंकर लाल कौशल्य - Shankar Lal Kaushalya
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)कि भाग पहिला | ॥ शान्ति पाठ ॥. . 3 -पूरणमदः प्रणमिदं प्र्णात्पूरणमुदच्यते | प्रणस्य. प्रणमादाय प्र मेवावशिष्यते | 3 शान्ति शान्ति शान्ति | ... शब्दाथ-यह पूर्ण है वह पूर्ण है पूंण से पूरा बनता है पूरा में से पूर्ण ले लेने से पूर्ण ही शेष रदता है। ० शान्ति शान्ति शान्ति । 3० सह नाववतु । सहनो भुनकु । सह _ चीर्य॑ करवावहे | तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहे ॥ 3? शान्ति शान्ति शात्तिं |
User Reviews
No Reviews | Add Yours...