ऋग्वेद के द्वितीय मण्डल का आलोचनात्मक अध्ययन | Rigved Ke Dwitiiya Mandal Ka Alochnaatmak Addhyayan
श्रेणी : इतिहास / History

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
16.43 MB
कुल पष्ठ :
175
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)जअष्टक _क्रम - मण्डल क्रम शाखाभेद के कारण ऋग्वेद के विभाग उपलब्ध होते हे अप्टक क्रम और मण्डल क्रम अप्टक क्रम मे -अष्टक अध्याय वर्ग मन्त्र (ऋचा) रूप मे ऋग्वेद का विभाजन किया गया है जवकि मण्डल-क्रम मे मण्डल अनुवाक सूक्त मन्त्र (ऋचा) के रूप मे विभाजन है। अप्टक - क्रम सेल सी किम कक योग ६ ट््छ २०२४ १०५५२ (१). इनमे बालखिल्य के १६ वर्ग सम्मिलित है। खिल का अर्थ होता हे शेष (बचा हुआ)
User Reviews
No Reviews | Add Yours...