ऋग्वेद के द्वितीय मण्डल का आलोचनात्मक अध्ययन | Rigved Ke Dwitiiya Mandal Ka Alochnaatmak Addhyayan

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
शेयर जरूर करें
Rigved Ke Dwitiiya Mandal Ka Alochnaatmak Addhyayan by जया दुबे - Jaya Dubay
लेखक :
पुस्तक का साइज़ :
16.43 MB
कुल पृष्ठ :
175
श्रेणी :

यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटी है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं |

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

जया दुबे - Jaya Dubay के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
जअष्टक _क्रम - मण्डल क्रम शाखाभेद के कारण ऋग्वेद के विभाग उपलब्ध होते हे अप्टक क्रम और मण्डल क्रम अप्टक क्रम मे -अष्टक अध्याय वर्ग मन्त्र (ऋचा) रूप मे ऋग्वेद का विभाजन किया गया है जवकि मण्डल-क्रम मे मण्डल अनुवाक सूक्त मन्त्र (ऋचा) के रूप मे विभाजन है। अप्टक - क्रम सेल सी किम कक योग ६ ट््छ २०२४ १०५५२ (१). इनमे बालखिल्य के १६ वर्ग सम्मिलित है। खिल का अर्थ होता हे शेष (बचा हुआ)




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :