राम राज्य | Ram Rajya

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Ram Rajya by हरि शंकर शर्मा - Hari Shankar Sharma
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पुस्तक का साइज़ : 5.36 MB
कुल पृष्ठ : 336
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हरि शंकर शर्मा - Hari Shankar Sharma

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किसी प्रकार का जाति-मेद या छुद्ाछूत का भाव नहीं रहेगा । अपनी न्यायपूण मॉर्गे प्राप्त करने के लिये झर्िसा पर अधि- प्रित सत्यायद और श्सहकार के मार्ग का लोग श्रवलम्बन करेंगे । धाम में एक आआम-रक्षक दल भी होगा। गाँव का शासन पंच लोगो की ग्राम पंचायत चलाएगी। पंचायत का चुनाव शाम के वालिंग न्ी-पुरुप मतदाता करेंगे । शिक्षा इमारी प्राथमिक श्रावश्यकताओं की ऐूवि तथा मानव-विकास में सद्दायक दोनी चाहिए. | शिक्षा केवल मान- सिक व्यायाम या दिमागी अस्याशी न हो । शान रचनात्मक प्रइंतियों द्वारा दिया जाय | जीवनोंपयोगी विषयों की ही शिक्षा दी जाय शरीर उसमें उन आवश्यक दस्तक्ारियों से सहायता ली जाय जिन्हें सीख कर गाँव और नगर के आदमियों के जीवन में स्वावलम्बन का उदय हो) उनमें सहकारिता रुदयोग लोक-सबा और सदाचार की भावना हो उनमें लोम-लालच स्वाथ या श्सन्तोप न द्दो । वे अपने जीवन का पेय ऊँचा रखें। हि हि ्र्ट दर्द लोगों को अपना स्वास्थ्य ठोक रखने और वीमार न पड़ने की तथा यदि कभी संयोगवश बीमार पड जाय॑ तो साधारणतया स्वयम्‌ हो इलाज कर लेसे की शिक्षा दी जानी चाहिए. । रोज़-रोज़ वीमार पडना अपमानजनक है। स्वास्थ्य के लिये शरीर की सफाई के श्रतिरिक्त घर-वार गली-मुहहल्लों .. डरे 3 ी




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