शायरी के नये दौर भाग -1 | Shayari Ki Naiya Dore Part -i

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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४३, दसं-जुरअत ४. रुज़र जा. चूढ़े नोजवानटू पु 2नि श्र भ६. कार्र-मदा ५७. हिम्मतमु| सुरूदा खराशडेसोन्द्य और प्रेम. तसवीरे-जमाल . मुर्रियाँ ऐ. जानंमन !£ «न 2६ शक (हे राक. मददसूसात फिर्नः-ए-खानक़ाद ५४, हविस-औओ-इश्क्र८ ही हू 1 नौ थी४. अगर क़दम न सुहब्चतकादरमियाँ होता५६. नकशे-खयाल टिलसे मिटायानहीं दनूज़५७.“७ ४० ५४८. तर लए ५६, तसवीरदो ८सनी जन्नत- तआककुव२, याद हैं द्रय तक ६६, द्रदाए:-सलम ६४. यार परी चेहरा६५, पाॉँदके इन्तिज़ारमें तारेदी ्हडीडुपट्टेको मसले, चदन को चुरा येदफ़ा-दिकायतशव सुम्बुल-आ-सलासल सुरूदा-खराश सेफ़ा-सुचू टुफ़ोां-दिकायत22सेफ़ो-सुबू दफ़ों-डिकायत सेफ़ो-सुवू टफ़ो-हिकायत र्शो-फ़श शतसमूमो-सच्रा द्र्शो-फ़श सेफ़ो-सुबू3ते व शत री «६६ है. 1 60. (. ,£ीचर न ब्त्च्यौनो ९ /व का 5 जद हर ९00 हट६ हरेदेतु नर3 लि बची नत्ऋ न न १1 0तर (५२१४६




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