रत्न ज्योति (रत्न - शताब्दी विशेषांक ) | Ratna Jyoti (Ratna - Shatabdi Visheshank)

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आचार्य विनयचन्द्र - Aacharya Vinaychandra

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विजयमुनि - Vijaymuni

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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बिपप>न नस््ड ला च जा नर नापक 3 ्चर प्‌ र्मै झी रत्मपुमि छत इच्टर कालेजरतल-राबागिगुरू-सैषापूर्ण पुश्देव की प्रतिगा के चमत्कारबुल्देब महिमामुद्द रत्त मुनि. ध्यक्तित्द-हृतित्वबुस्वर दस्देबबुस्देव के रचित पौतों की समीक्षाभू्त थे पाठभी रत्त तर थी महाएल सामाजिक सुधार थ साहित्य भ्टेप बुस्वेग एक परिचयबुस्वेब की बकदूत्य कलापूल्य बुल्वेद भी रत्त चत्द थी एवं उतकी सताज टैबा बुड्देव धारा प्रतिदोधित सेनभुस्टेब थ इच्छा-मुत्युएक मदकती जित्दपीचुक-शिगपध्श्प शी रस्म सुमि कस गर्स्स इस्टर शालेजबुश्देग का साहित्य एक अनुदौलत चौषन लौर घर्य'बगवाल्‌ जहाबौर जौर अदिता बुददेव कौ साडित्य-शावनाजौ रत मुनि जौ'छाकाजार ही क्यों हेचुध्देद थी अषुर-स्मुठिविषय-रेखापृष्डह | १सर एप ७ श्ह द् देकर हूनी




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