पक्षपात रहित अनुभव प्रकाश | Pakshpat Rahit Anubhav Prakash

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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- अललुकमणिका !विषय सर्वे देशोंगें मिन्न २ व्यवहदा रौंकी कत्पना किसने की है पर- स्पर मेद क्यों दीखता है? सम और साधारण नियम... चार वर्ण चार आश्रम न्वार वर्ण भीर आश्रम सर्वे देशोंमिं हैं उत्तम कैसे होता है? ..... .... चीच कौन है? ... .... ... मिन्न २ जाति आदि संत्ञा वांधनेसे कया छाम है? .... .... बाहझण कौन है]... .... न्रिय किसे कहते हैं? वैश्यनाम किसका है! शूद्र किसको कहते हैं ? नीच कैसे होता है? .... वर्णाश्रमविमाग प्रजाकी उन्नतिका का- रण परझुराम .... राम-( रामकथाका यथाथे लक आशय है... ....था के के शक केक के थकेके ककके केकईश्वर भावनामें है .... .... ... कृष्ण कौन है !नरसिंहाबतार ..... ...नाद सौर विंदुमेदसे दोप्रकारकी सुष्टि शाव्द्का अये हिकामक्रोधादिका ढामाठाम ही क्रोध 1 2 के बा के की मोह व श्र के के थे छोम हे न आहार ” ”. ,.... ... वेराग्यादि दैवीगुण!” ,... . .... घर्माधम ह. ..... :. अपना सदाचरणद्ी करयाणका कारणपृष्ठ,४९१ ४९२के५९४डे४९द्ू४९७ पक४९८ क्र४९९,विषय, कोई धर्म ( मजहव ) नहीं .... उत्तमता, मध्यमतता, धन भौर कुछ(१९)पृष्ठ,9९९सादिके आधीन नहीं .... . ... ५०० नीच कौन है .... ना जी उत्तमता संपादन करनेवाठेका कपैव्य ५०१ प्रयागादि तीर्थ... .... 1 ५०२ पथ महाब्रत न 2 चार महान्रत ..... ,.... नव महीत्रत्तोंका फठ ..... ... ५०६४ अन्य पश्च महाब्रत.... ,., .... सत समुद्र बल «०. ००» ५०% वीरमद्र-( दक्षप्रजापति और यह्ृष्वंस )...... .... ... १०६ बाराह मगवान्‌ .... नरक सषनाग . ... . ८. «८. न ५०६ रावण .... ..८. «» ००० ५०९३ .. .... .... ... ९०८ राजाजनक... .«... ..... ,., ५११० विधाम्त्रि... . ....... ..... 2 आतज्ञानके साघनरूप तपस्या .... ९११ तामसी राजसी तपस्या... ..... ” सर्वेष्कष्ट तप. ...... ,...... ,.... तपस्याका फढ ..... ,८«. ,... व्यवस्था, .... ..... .... ९१९ सुखशांतिका साधन ,. -«« पु द्रौपदी .... .... .- 1 अहुकार-( समश्रिव्यष्टि फुरना रूपअहंकार ) क्र मर राजा प्रियब्रत ...... «न पूथुराज ..... .«... ««««.. ««» (७ दाव्दादि विषय... «««. ««« ५१८




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