शुक्रनीति भाषा | Sukra Niti Bhasa

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Sukra Niti Bhasa by अज्ञात - Unknown

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about अज्ञात - Unknown

Add Infomation AboutUnknown

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
_. -यहिलाशिक्षाश्ग .. . 8 ि्तिियक्तिहों 7 श्रच/नदियराहें ए० छतराजामेल 'झोग युंलिखिरशत्ासे लाशिसतो/प्राप्तरये कंपरसाितें : लभ्लिस्कराजातनव्रालों!करफेशलनको पलियेरे: है० 6 'ॉकरनामनी: श्पातभरदरेमिवकों: विकार सिक्तकरता : है श्रौर उनकर्िनलाससे:उिलासितसाह सियोक्े दंत सेव कंटें'१४७०सकानतक्ोरकाय में, जिप्रसाः को से “वर शरगडप्साधिसी: इत्तान्तश्ती चना नारी किसको गन कर ही. १४४ स्त्री मुियों के सनकतेभील्अ व्यय : ब़यकरतीरिं लितेशिदरय-और शजितोत्सातओं करी -का चातरे ४२ परश््री की इच्छा करते ये 'इस्टदरोड की “नईश्रावशोश्ादि:बहुतसे/नाशकों प्ाप्तदुधे 2९३ ' विट्पर न सी-उसक्ती,स्त्रीसदा सुखदेती है गह ककार्य सें “संशाथिगीस्वीकासोड'औ्ौरकाइनहींहै २४ ।बहुतसदि जपीनिवालेकी जा लाप्रेहोती है. ओर धोड़ापीनेम घर पितिसा.बड्वे शंदावेय . दचत्तंवि: निशचय जाता है; २१9 -थोडापीनेसेनिदिरा:उत्तसहै बहतपीनेसेमरदनाशहेताहै साधकमारिंया काम क्राव ।दातमक्रा /धधी चितहेा तेहें:एइटःजयाही सा जा प्जी पालन: सेन्कासऔर श्र “के दचनिमें काव' चर /सेनाके संघारशासे लाभिकी या नायर)» प्ररखत्री-सगंमसे काम”श्रौरखस्यघनम लिंम-रसवप्रेजाकेररीरतेनेसें क्रानकाएशनापारणा जिक्र ९5 रखी संगमंते्मनष्य कट्स्नी” चर होता अोन पिजाके:दसडसे-शश्नहोडिती आर “यन्यक घन सी घतीसिसिसताजि११४-ज्रधिता शेजा पीर सतए




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now