सुलझी हुई गुत्थियाँ | Suljhi Haui Gutithyan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
136
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)च््द
३ प्रश्न- सत्य और अहिंसा के. रूप
भें आपने पुरुप-रूप और नारी-रूप को रखा,
इस का वास्तविक कारण क्या है ?
( घर्माठय मे दर्शन के लिये आगे हुए गवालेयर
स्टेट के एक मिनिरटर )
उत्तर-- ईश्वर कहीं पुरुष-रूप माना. गया
है जैसे- मुमलमान, इंसाइ, यहूदी आदि में, अथवा
पुरुष-रूप को मुख्य बनाया गया हैं जस-.व-वैष्णव
अदि में , कहीं उन नारी रूप दिया. गया है
९
जैसे झाक्तों मे, जगदस्बा काली आदि । पर इंश्वर का
टिंग क्या ह -काश नहीं कद सकता । हों, इश्वर
सब-गुण-भण्डार होने पर भी उसे पुरुपत्व भी
पूर्ण हैं और नारीव भी पूर्ण है इसल्यि उसे
उमयढिंगी कददना चाहिये । इस देश मे यह
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