जैनागम दिग्दर्शन | Jainagam Digdarshan
श्रेणी : काव्य / Poetry

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7 MB
कुल पष्ठ :
227
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(2) सुयगडंग, सुन्रकृतांग के नाम 49, सुत्रकृतांग का१3)
१4)
5)व् हैगाजन्ज्न्भ््ज्् बॉ१10)नु11न12)भास्वरूप : कलेवर 49, विभिन्न वादों का उल्लेख
50, दर्दन श्र श्राचार 51, वबौद्धभिक्षु 53
वेदवादी ब्राह्मण 54, श्रात्माद्॑ तवादी 55, हस्ति
तापस 55, व्याख्या साहित्य 56,ठाणांग 56, दर्दन-पक्ष 57, व्याख्या-साहित्य 59,
समवायांग 60, वर्णन-क्रम 61,विवाह-पण्णत्ति 61, वर्णन-शैली 62, जैन घर्म काविश्वकोश 63, अन्य ग्रन्थों का सुचन 63, ऐति-
हासिक सामग्रो 63, ददशन-पक्ष 64,णायाघम्मकहाश्रो नाम की व्याख्या 65, श्रागम
का स्वरूप : कलेवर 66,उवासगदसाश्रों नाम : झ्रथे 67, झचारांग का
पूरक 67,अंतगडदसाझओ नाम : व्याख्या 69,अचुत्तरोववाइयदसाशओओ नाम : व्याख्या 70, वर्त-
मान रूप : अपरिपूर्ण, यथावत् 71,पण्हवागरणाईइं नाम के प्रतिरूप 71, वर्तमान
रूप 71, वर्तेमान स्वरूप : समीक्षा 72,विवागसुय 73,दिट्विवाय, स्थानांग में हृष्टिवाद के पर्याय 75.
इष्टिवाद के मेद : उहापोह 76, मेद-प्रमेदों के
रूप में विस्तार 76, अनुयोग का तात्पर्य 76,द्वादश उपाग -- 78-110उपांग 78, झंग : उपांग : शसाहरश्य 78, वेदों के
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