हास्य का इन्द्रधनुष | Hasya Ka Indradhanush

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7 MB
कुल पष्ठ :
192
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)करो तस्करी की निदा पर प्राप्त तस्करों से धन खूब
फिल्मी टैक्सचोर तत्त्वों से झ्िटकों माल इन्हीं में डूब ।
कोई भी आपदा लाभप्रद रहे--सदा यह रखना ध्यान
सूखा, बाढ़, विनाश को सदा कामधेनु का टो सम्मान ।
वायुयान से करो निरीक्षण आऔ सहायता का ऐलान
सिहभाग लो स्वयं, श्वगालों-श्वानों को दो उनका दान]
प्रति ठेका, परथमिट, कोटा पर भूलो मत अपना अधिकार
पहले राशि विदेश बैंक में जमा करे शोषक-परिवार।
हैं चुनाव का युद्ध घचिकटतम, पैसा जीते सारे दांव
पैसा ही है आत्मा, पैसा जीवन, वही हाथ औ पांव।
सदा उच्च सिद्धांत का थैना हो हथियार
जनता को जीतों सदा, इसकी प्यारी मार।
“कर्म-वचन-मन-शिन्नता” का हो प्रतिपल ध्यान
और “धर्मनिरपेक्षता” खड्ग, “न्याय” की म्यान।
जनता को जीतो सदा रखकर अपना ध्यान
धास खिलाकर रासभों को पाओ सम्मान |
हास्य का इन्द्रघनुष 11 17
की...
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