खड़ी बोली कविता में विरह वर्णन | Khadi Boli Kavita Mein Virah Varnan
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
18 MB
कुल पष्ठ :
542
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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प्टियों मे महत्वपुर्ण नहीं है। हमारे भक्ति काव्य का प्राय: सादा श्वष्ठ एवं महत्वपुर
कलेवर ई ~. प्रेम क्षी सक्रिय भावता ने अनप्रारित है, वेदना का रस पीने
कलेवर ईदवर के प्रति प्रेम की सक्तिय भावना से अनप्राशित हैं, वंदना का रस पानনি >~ হি गोपिकाओं ~
निवृत्ति-मूनक्त नह्! नूर का गापिक्ता्रासंदर्णो एवं घात-प्रतिघातों के रस-पान काभारतीय नः साधना अ साहित्यं ---~ साहित्य ~~ == विन्षताय = पष्ठ হি তিনে
१. भारतोय साधना आर सूर-साहित्य; स्रझसाहित्य का विनपषताय, पृष्ठ ৯২1२. नादुयशास्त्र (६)
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