अर्थविज्ञान और व्याकरणदर्शन | Arthavigyan Aur Vyakaranadarshan
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
10 MB
कुल पष्ठ :
450
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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शब्दन्् का झाभय चाइदा दे । कुमारिल मड के शब्दों में श्रन्त मे यदो निवेदन
करना है कि व
खद् बिदाखेऽनप्डन्दु विचतभेवैः प्रादिभिः ।
सन्तः प्रयपिवश्यानि श्डन्वि हयनद्पवः
श्वागमपरयरेचाहे नापवायः स्वलनपि।
न रि सदर््मना पच्छुन् स्वलिवष्दप्पशेयते ॥
( र्लोकवार्टिक, प्रन्यकार-प्रतिश रलोक ३ और ७)!
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