हिन्दी में अर्थशास्त्र और राजनीति साहित्य | Hindi Men Aarthashastra Aur Rajaniti Sahitya

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
218
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)४
£थशास्र साहित्य यकिकउन्नीसवीं शताब्दी के ्रन्तिम भाग में यहाँ राष्ट्रीयता के भावों की
्द्धि होने से देशहितैपियों का ध्यान राष्ट्र-भापा के साहित्य त्रे विकास
की शरीर रया । फलस्वरूप वीसवीं शताब्दी के श्रारम्भ से इस विपय की
हिन्दी की भी पुस्तकों के दर्शन होने लगे ।अयशास्त्र साहि य के भाग--ग्र्थशास््र सम्बन्धी साहित्य का
धिचार करने के लिए यह ्रावश्यक है कि पहले इसके मुख्य-मुख्य
भागों करा उल्लेख कर दिया जाय । सुर्भाते के लिए दम निम्नलिखित
“ भाग करते हैः--
[ १ | सिद्धान्त |
[ २ ] भारतीय श्रथशास्त्र |
[ ३] प्राचीन भारतीय श्रथंशास्त्र ।
[ ४ ] आर्थिक विचारों का इतिहास ।
| ५ | श्रा्थिक इतिदास ।
मुद्रा ग्रौर करेन्सी |~
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७]
८.८] विदेशी विनिमय |
€ ] स्टाक एक्सचेज्ञ ।
| व्यापार व्यवसाय |
हु श्रार्थिक शरीर व्यावसायिक भृगोल।
| यातायात |
३] कम्पनियां ।
८] उद्योग धत
(क ) वस्त्र सम्बन्धी उद्योग घं,
(ख) भ्राम्य उद्योग धन्धे,
(ग) न्य् उव्योग धरे]
[१९] ग्राम्य अर्थशास्त्र ।
{९६ | सहकारिता ।|
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