निर्वाचन - नियम | Nirvachan - Niyam

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : निर्वाचन - नियम  - Nirvachan - Niyam

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about दयाशंकर दुबे - Dayashankar Dubey

Add Infomation AboutDayashankar Dubey

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
निर्षाचक दोने फे भवधिकफारी श् तो निर्यारित समय के अन्दर निकाछा जा सफता है । किसी ब्यक्ति का नाम किसी व्यवस्थापक सस्था फे दो साधारण दि्याचरक्क सर्घो में एफ साथ दर्ज नहीं किया जा सफता। ' युक्त प्रान्त, की म्युनिर्सिपिलिटियों और जिला- बोर्ड के लिये-युक्त प्रान्त की म्युनिसिपेक्ठिटियों मौर जिछा- य्ो्डों के चुनाव के छिये नोचे लिसे व्यक्ति निर्वाचक नहीं दो सकते +5 :« > १०-जो २१ वर्ष से कम भाय फे दो । । 'ए--जो प्रीडिश प्रजा न हों । ४ >-भो किसी स्यायालय द्वारा पागल ठहराये गये हो । ४--जो ऐसे दिवालिये हों जओ बरी न हुए हों, मर्थाव्‌, जिन फा पूरा भुगतान न हुआ हो । ५--ज्ो भारतीय देख विधान फे अनुसार छ मास से अधिष्य की कद, या देश निकाले फा दड पाये हों, या जिन्हें फीजदारी अदाछत से मिधारित अपराध का दोपी ठद्दराया गया हो, या जिनको नेक चलनी फी जमानत देने की भाज्षा हुई हो परन्तु जिनफा यद्द दण्ड क्षमा न फिया गया द्वी, या आशा घापिस न छी गयी हो । [ यदि प्रान्तीय सरकोरे चांद तो ऐसे दोषी




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now