निर्वाचन - नियम | Nirvachan - Niyam

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Nirvachan - Niyam  by दयाशंकर दुबे - Dayashankar Dubey

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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निर्षाचक दोने फे भवधिकफारी श् तो निर्यारित समय के अन्दर निकाछा जा सफता है । किसी ब्यक्ति का नाम किसी व्यवस्थापक सस्था फे दो साधारण दि्याचरक्क सर्घो में एफ साथ दर्ज नहीं किया जा सफता। ' युक्त प्रान्त, की म्युनिर्सिपिलिटियों और जिला- बोर्ड के लिये-युक्त प्रान्त की म्युनिसिपेक्ठिटियों मौर जिछा- य्ो्डों के चुनाव के छिये नोचे लिसे व्यक्ति निर्वाचक नहीं दो सकते +5 :« > १०-जो २१ वर्ष से कम भाय फे दो । । 'ए--जो प्रीडिश प्रजा न हों । ४ >-भो किसी स्यायालय द्वारा पागल ठहराये गये हो । ४--जो ऐसे दिवालिये हों जओ बरी न हुए हों, मर्थाव्‌, जिन फा पूरा भुगतान न हुआ हो । ५--ज्ो भारतीय देख विधान फे अनुसार छ मास से अधिष्य की कद, या देश निकाले फा दड पाये हों, या जिन्हें फीजदारी अदाछत से मिधारित अपराध का दोपी ठद्दराया गया हो, या जिनको नेक चलनी फी जमानत देने की भाज्षा हुई हो परन्तु जिनफा यद्द दण्ड क्षमा न फिया गया द्वी, या आशा घापिस न छी गयी हो । [ यदि प्रान्तीय सरकोरे चांद तो ऐसे दोषी




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