अक्तूबर क्रान्ति और उसकी कलियाँ | Aktubar Kranti Aur Usaki Kaliyan

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Aktubar Kranti Aur Usaki Kaliyan by रमेश सिनहा - Ramesh Sinha

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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अकतूबर कान्ति ओर ~+ > (न उसकी कलियां अनातोतनो लुनाचारस्को अनातोलौ चुनाचास्वीं (१८७५-१९३३) सप्र के सामाजिन- जनवादी सगठन मे १८९२ में उस समय सम्मिलित हुए थे जब चहू केवल १७ वप के थे । बाद म लेनिन के निर्देशन में उ होने बोल्शे- विक पततो, वपर्योद तथा श्रोलेतारी मे लिखना शुरू कर दिया था । अक्तूबर कतित षे बाद अनेक वर्पो तक सोवियत सघ की समाजवादी सरकार में वह जन शिक्षा मन्तीये। लुनाचार्सवी बहुत ही जोजस्वी वकता, पत्रकार तथा साहित्य के विद्यार्थी थे । सोवियत साहित्य के सम्बध मे अनेक माभिव' लेख लिखने वे अलावा कई नाटक भी उठाने लिखे थे । लेमिन के हृदय में उनके लिए बहुत स्नेह और सम्मान की मावना थी 1




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