भगवद्गीता सटीक | Bhagvadeeta sateek

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
22 MB
कुल पष्ठ :
882
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)|पहिला अध्याय । ५५सभय द्रोखाचायजी के पस क्यों जाता, युद्ध की ते
यारी करता पर एेसा उसने नही किया, इसीसे जाना
जाता है कि दुर्योधन को ही भय हुआ था, पाणएडवों
को नहीं ॥ २ ॥मलम।पश्यता पाएंडपत्रासामाचाय महता चमम !
स्युटा इ पदपुन्रस तवं 1शिष्यण घामता ३
पदच्छेदः ।पश्य, एतास्, पाणएडुपुत्रासाम, श्राचाये, महतीम,
चमूस, न्यूटाम्, डपद्पुत्रेस, तब, शिष्येण, धीमता ॥अन्वयः श्ख्वार्थ | अन्वय शब्दार्थं` आचार्य~हे द्रोाचाय॑ |` पारडयु }._ पाणड्के5 ८ ५ एताम्ः= बुदिमा१ 3 न. व्यूढास-रचीहुईशिष्येण=शिप्य महतीम्=बड़ी `
दुपदपुत्रेणनद्पद के पुर चमूम=तना कोकरके पश्य~द्रखोभावार्थ ।
हे राजन् ! अन्तर भययुक्क होकर दुर्योधन द्ोणा-
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