समता - स्वाध्याय स्वतन संग्रह | Samata-swadhyay Svatan Sangrah
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
306
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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३१८^ টি রি 9 कषः बं 9 ॐ ॥ है है
० 0 (022 4 छ ছি ^< - ० < ~~ ~(श्र|(ट)सांचो वीर प्रभुसत्संग में नित प्राया करोसम्यग् दर्शनसंवत्सरीहे प्रभ श्रानन्द दताहिये राणी पद्मावती {भ्रालोयणा)
हम भूल गये हैं जिनकोहा, भ्राज संवत्सरी श्रायी
होते-होते हैं साधु ऐसे `होवे धर्म प्रचार |श्रौ श्रादि जिनन्दश्री जिनेश्वर देव की दद् भक्ति
श्री ऋषभ अजितश्री जिनवर मुझ करो कल्याण .
श्री महावीर स्वामी की सदा जय हो
श्री महावीर भगवानश्री अभिनन्दननाथ स्तवनश्री जिन मुभने पार उतारो
श्रावक रत्न बनने कौ भावना `विविंधसप्त कुव्यसन
आवक के तीन मनोरथ `: `
चौदह नियमवन्दन सत्रश्रन्दर की छविप्रार्थनाताना गुरु तुम शान होअब मेरो समकित सावन आयो
नाना पूज्यवर के गुण भावे
श्री मुनिसुव्रत स्वामी जीगुरु वन्दना९६५
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