चोली - दामन | Choli Daman

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : चोली - दामन  - Choli Daman
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about कर्तार सिंह दुग्गल - Kartar Singh Duggal

Add Infomation AboutKartar Singh Duggal

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
१५हँसी जकड़ दी हो। सोहणे शाद्द ने सोचा कि लड़के को यों दँसता हुआ्रां कक सैदन ने उसे मिड़का होंगा, उसके किसी बड़े भाई ने संकेत किया हंगो |नदी पार करके सोहरणे शाह जब दूसरे किनारे पर पहुँचा, तो उसने देखा--सामने एक टीले पुर तीन-चार गुण्डे तुर्रा छोड़े हुए. लम्बी-लम्बी बोहों से कभी एक और कमी दूसरी ओर इशारा कर रहे हैं. और बातें भी किये जाते हैं | एक के हाथ में एक लम्बा-चौड़ा काग़ज़ है, जिसमे से वे कुछ पढ़ने का प्रयत्न कर रहे हैं ।कोई नया पटवारी होगा, शायद कोई अपनी जमीनों की पड़ताल करवा रहा होगा--सोहणे शाह ने सोचा | शाम हो रही थी ।सोहे शाह की समभ में नहीं आता था कि आज उसका दिल क्‍यों बैठता जा रहा था, उसे बुरे-बुरे विचार क्यों आ रहे थे--धर पहुँचकर वह चारपाई पर गिर पड़ा, उसने न कुछ खाया, न कुछ पिया |




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now