अहिंसा परमो धर्म | Ahinsa Parmo Dharam

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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रे | आहिसाः हेमारा गौरवप्रधान मंत्री श्रीमती इन्दिरा गबी का कथन है कि हाल फी लड़ाई में वांगला देश फा श्रम्युदय और पाकिस्तान को करारी हार हमारी नहीं हमारे सिद्धान्तरें क्री विजय है। और सिद्धान्तों में सबसे बड़ा सिद्धान्त यह है हमारी निष्ठा रक्त पात में नहीं है । हमारा विश्वास हिंसा में चहीं है । हम' आतंक फी स्थिति नहीं चाहते । हम चाहते है शान्ति । एके ऐसा सद्‌- भाव पूणं वाताचरण जिसमें सव भिल जल कर रहँ । भीर इसी कारण हम विजयी भी हुये हैं । हमारे सिद्धान्त जीव है । धर्योंकि हम श्रातंक को नहीं आश्रय को महत्व देते हैं। मारते चाले से बचाने वाला सदंच बड़ा होता है |श्रापने सुना होगा वौद्ध घमं के प्रवेतक बचपन के सिद्धार्थ ने श्रपने पित्ता के समक्ष उस हंस पर्‌ श्रपना दावा पश्च किया था जिसे उसके चचेरे भाई ने वाण से घायल किया था, मंगर उन्होंने उस घायल हंस की सेवा करके, उसे जीवन दान दिया था। शोर हिंसा के श्रहिसा के हाथों मूह की खानी पड़ी थी । हिंसा को तब भी पराजित होता पड़ा था। और श्ाज भी पूरे भारत उपमहाद्वीप में विश्व की एक बड़ी शवित्त को पराजय का ऐसा मुह देखना पड़ा है कि पिछल्नी पच्चीत साल की पूरी साख समाप्त हो गई है ।भ्रहिसा के सम्मुख हिंसा हारती श्राई है। लेकिन आपने उस लोक कथा को भी सुना होगा कि नेकी भोर वदी एकं वार




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