स्वतंत्रता आंदोलन में बुंदेलखंड (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) की महिलाओं का योगदान | Swatantrata Andolan Me Bundelkhand (Uttar Pradesh, Madhy Pradesh) Ki Mahiloan Ka Yogdaan

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Book Image : स्वतंत्रता आंदोलन में बुंदेलखंड (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) की महिलाओं का योगदान - Swatantrata Andolan Me Bundelkhand (Uttar Pradesh, Madhy Pradesh) Ki Mahiloan Ka Yogdaan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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| 10 दादा भाई नौरोजी के प्रयासों से चार नये विद्यालय खोले गये इन स्कूली में शिक्षण का कार्य कालेज के विद्यार्थियों को दिया गया कौ मद्रास मे सर्वप्रथम स्त्रियों की शिक्षा कार्य ईसाई मिश्नरियों द्वारा किया गया 1881 मे पहली बार स्काटिश चर्च से सम्बंधित मिष्षरियो ने हिन्द्‌ महिलाओं की शिक्षा के लिये कार्य करना प्रारभ कर दिया और भारतीय तथा यूरोपियन के सयुक्त प्रयास से सर्वप्रथम 1845 मे पहला बालिका विद्यालय खोला गया | उत्तर प्रदेश मे लड़कियों की दशा बहुत ही खराब थी यह इस बात से प्रमाणित होता हैकि बहुत से बालिका विधालय मे केवल एक ही इस्पेक्टर गोपाल सिंह थे | लेकिन गोपाल सिह ने इस दिशा मे बहुत ही अच्छा कार्य किया उन्होने बालिकाविद्यालयों के लिये सरकारी सहायता प्राप्त करने की दिशा मे सफलता पूर्वक कायं किया । इस बालिका विधालय मे सभी वर्गों की लड़कियां शिक्षा प्राप्त करतीं थी । सभी वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था एक होने के कारण उनमे एकता हो गई तथा ऊचनीच की भावना खत्म हो गई | রি निष्कर्ष प्रश्न यह उठता है कि जिस समाज मे स्त्रियो की दशा दयनीय हो जहाँ ब्राम्हणो मे रक्त की श॒द्धता .स्त्री सतीत्व की रक्षा ओर हिन्द्‌ धर्मं की रक्षा के नाम पर उसे इतने अधिक सामाजिक बन्धनो मे .जकड दिया था कि उसके स्वतंत्र अस्तितिव का कोड निशान न रहा शा वहीं भारतवर्ष की स्त्रियाँ किन कारणो क परिणाम स्वरूप पुरूषो के कन्धे से कन्धामिला कर सवतंत्रता के रणक्षेत्र मे कद पडी | उस समय स्त्रियों मे पिछड़े पन का मूल कारण अन्धविश्वास.अज्ञानता ओर निरक्षरता शा। लेकिन भारत मं बिद्धि राज्य के प्रभाव से तथा शिक्षा का माध्यम विदेशी कर दिये जाने से भरतीय जीवन पद्धति ओर राज्यीय चरित्र मे कृान्तिकारी परिवर्तन आया । भारतमे विदेषी माल की खपत के कारण कुटीरः उद्योग धन्धै बन्द हो गये ओर संयुक्त परिवार बिखर गये! आर्थिक दशा का प्रभाव महिलाओं की स्थिति पर भी पड़ा आर्थिक दृष्टि से . जब पुरुष कमजोर होता गया तो इस निर्बलता का प्रभाव महिलाओं के दैनिकर र्ज जीवन पर भी पड़ा परिणाम स्वरूप परिवारपतन की ओर...




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