मार्क्स और गाँधी का साम्य दर्शन | Marks Aur Gandhi Ka Samya Darshan

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Marks Aur Gandhi Ka Samya Darshan by प्रसिद्ध नारायण सिंह - Prasidh Narayan Singh

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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न र७ - सहायक ग्रंथ नोट-- १ जिन पुस्तकों के नाम पर इस प्रकार का चिन्ह लगा है वे मैने स्वय नहीं पढ़ी । उनका उल्लेख दूसरी पुस्तकों मे आया है ओर वही आधार लेकर मैंने उनका उल्लेख किया है। २ किसी-किसी पुस्तक का सक्षिप्त नाम मी उसी के पुर्ण नाम के साथ दे दिया है। ३ हरिजन और यग इष्या के बहुत कुछ उद्धरण अन्य स्थानों से लिये गये है। ४ पुस्तको आदि का उल्लेख फूट नोटों मे कही देवनागरी लिपि मे और कही अग्रेजी लिपि में किया हुमा मिलेगा। शब्द-कोष ः १ हण्हफिडी एिटघणाकाए 9४ 0 ठएप्रघा एक्ट २ छाप्टाधी-58प्हए ए1०प0एक्षज़ एए ४ 5 फूट है 8घएर्थतापानकिश हु फिडी। गा्टपिठएघाए रिषप्र ४. पा. फिातेट ४ दाब्दाथ पारिजात हिन्दी चतुर्वेदी द्वारकाप्रसाद शर्मा कृत्त पत्र-पत्रिकाएँ १ हिन्दी मासिक पत्रिका कल्याण गोरखपुर २ हे मं सर्वोदय वर्षा है दर री सरस्वती प्रयाग ४ हिन्दी साप्ताहिक पत्र हरिजन सेवक ५ ही में हरिजन वन्धु ६ हर भा नवजीवन ७ अग्रेजी साप्ताहिक पत्र ४1 प८४ दा ८ ली हो ठपाए्ट 10182. ९ गा है पकागुद्ाण १० ही गा . फिकावा ुषि०ए ११ हिन्दी दैनिक पतन नवमारत जवलपुर १२ अप्रेज़ी दैनिक पत्र 21 छिघटदा सििएटठ 21181 घानस्‍्त ी १३ ही ही पा्ानर्& पि०8एण




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