राधास्वामी दयाल की दया राधास्वामी सहाय | Radhaswami Dayal Ki Daya Radhaswami Sahay

Radhaswami Dayal Ki Daya Radhaswami Sahay by अज्ञात - Unknown

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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निजउपदेश भाग ९ राधास्वामी ट्याल की दया सहाय ् निलउपदेश राघाखामी भाग ३ १--सन्त सत के अभ्यासो के सास अहार और शराब और और नशों कौ चोल का खाना या पीना नहीं चाहिये नहीं तो उसके अस्यास में फारक पड़ेगा और ॥ र२--आऔर यह भी समनासिव है कि संसारों लोगों से | लरूरत के मआधिक मेल रव्खे और जियादा उतकौ और उनका संग न करे नष्टीं तो उनके ख्याल और वाह उसके मन सें भी अपना असर पैदा करेंगी और भजन में फ्रक पड़ेगा ॥ ३--खान पान में इस कदर इचतियात चाहिये लि सरोब चोथाई के या तिद्ाई: के अपना खाना आइहिस्ता कम कर देवे । इस से रहेगा और नौंद आऔर सुस्ती कम आवेगी और भजन दुमस्त बमेगा ॥ रद ४--दुनिया की चाहें बहुत उठाना नहीं 'चाह्यि रससिफा बस कदर कि जा वास्त अपने और के गुजारे के नल




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