भजस्व सततं विष्णुं मनुष्यमतिदुर्लभम् | Bhajsv Statam Vishnum Manushyamatidurlabam

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Bhajsv Statam Vishnum Manushyamatidurlabam by कल्याण श्री जी - Kalyan Shri Ji

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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६८-वीर हनुमानका ध्यान *** ६९-कपी-धर हनुमानका ध्यान ७०-श्रीकृष्णका प्रातःकालीन ध्यान ७१-श्रीकृष्णका मध्याह्कालीन ध्यान ७२-श्रीकृष्णका सायंकालीन ध्यान ७३-मुरारि मगवानका ध्यान ७४-गोपाल्यन्त्र সি ७५-अष्टयुज महाकृष्णका ध्यान ७६-नन्दनन्दन श्रीकृप्णका ध्यान ७७-गोपालक्ृष्णका ध्यान *** ७८-श्रीकृष्णाभिपेकका ध्यान' * * ७९-चबाल-गोपालका ध्यान ˆ ˆ ८०-श्रीकृष्ण-बलूरामका ध्यान ८१-अजराज-कुमारका ध्यान ८२-शुरुपुत् प्रदान करते श्रीकृष्णका ध्यान ( १२ ) -** ३७७ “ˆ ३८२ ˆ“ ३८६ --* ३८७ -** ३८७ -* ३९० हा ३९१ “ˆ* २९६ -*= ३९७ 7१ ३९८ ˆ“ ३९९ ০০০ ৮০৪ **ত ‰०० *** ४०१ -°* ४०१ ८३-श्रीदेवीः भूदेवीके साथ गरुड़पर बैंठे भगवान्‌ विप्णुका ध्यान ८४-मगवान्‌ व्याखका ध्यान ८५ ब्रह्माजी जर मरीचि ˆ ८६-पुराण-दान ও ८७-पुराण-अवण <८-भागवत-दान ८९-गायेकि साथ पुराण-दान `“ ˆ ९०-माक्ण्डेयपुराण-दान *** ९१-अग्निपुराण-दान ९२-भविष्यपुराण-दान ९३-चाराहपुराण-दान ९४-राजा अम्बरीप ओर दुर्वासा मुनि ९५-स्कन्दपुराण-दान ह “९६-कूर्म पुराण-दान ९७-समुद्र-मन्थन ९८-गरुडपुराण-दान ९९-देवी-पूजन 9०० -रिव-पूजन १० १-गणेश-पूजन १०२-मत्स्य मगवानूकी पूजा १० ३-कपिला गौका पूजन १०४ सू -पूजन १०५-भीराधाका पूजन और उसका फल ७०० ক জপ ॥ ग ই * ४२४ ১ এ ० क নু জি “7 ४३१ ই ৭ সহ রক १०६-शरीरामका पूजन, ब्राक्षण-मोजन और उसका फल ७कफछ १०७-गन्नादशहरा-स्नान *** १०८-विष्णु-पूजन ক ২০ৎ-প্লাহ্যা লাজগ-লীলন ११०-शिव-पार्वती-पूजन.. *** १११-नसिंह-पूजन কহ ११२-वट-प्रदक्षिणा षड ११३-दीप-दान গর ११४-राजा मान्धाता और महर्षि वसिष्ठ ११५-ब्रह्माकी समामें चित्रगुप्तत यम और नारदजी* ' ११६-ब्रह्माकी समार्मे नारीकी उत्पत्ति ११७-राजा सक्माङ्गदकी घोषणा ११८-खक्माङ्गद और महर्षि वामदेव ११९-रुक्‍्माड् दका पर्वतके पास पहुँचना ४५९ ४६० ৬ ४६५ ४६८ ४७१ ৬৩২ ४७५ ४७९ ४८२ ४८६ ४८९ ४९० “ 444 १२०-रक्माङ्गदका किपकटीके शरीरपर पानी डालना १२१-छिपकलीका दिव्य शरीर-धारण १२२-मोहिनीको पीठपर पैर रखकर धर्मान्ञदने घोड़ेपर चढ़ाया সত १२३-पतित्रताका पतिसहित देवलोक-गमन १२५४-घर्माङ्दका माता्ओको समञ्चाना १२५-धर्माज्गदका पिताके सामने मणि रखना १२६-गाय एक घड़ा दूध देती ˆ ˆ १२७-त्रिरात्र-तमे दान पल १२८-मोदिनीकी ब्राह्म्णोसे वात्त *** १२९-देवताओंको विष्णु-दर्शन *** १३०-राजाको पुत्न-हत्यासे भगवानका रोकना ४९५ ४९७ ४९९ ५०१ ५०३ ५०५ ५०७ ˆ ५०९ “ ५१३ ५१८ १३१-्राह्यणके पास मोहिनीको लेकर देवताओंका जाना म १३२-गद्धा-लानसे शिवधामकी प्राप्ति ९३द-गङ्गाजी क १ ३४-ग्घा्मे प्राण-त्याग करनेवार्छोको देवताका नमस्कार ध १३५-फल्गु नदीके तटपर श्राद्ध १३६-श्रीरामद्रारा दश्रथजीको पिण्डदान १३७-काशी-मुक्ति प १३८-कालिका-पूजन + १३९-इन्द्र्ु्नको खभर्मे भगवदर्शन १४०-वलरामः श्रीकृष्ण यर सुभद्रा ५२१ ५२५ ५२९ ५३४ ५३८ ५४३ “ ५.४७ ˆ ५५ “ ५५६ ५६१ ` ५६६




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