श्री जैन सिध्दांत प्रश्नोत्तर माला - भाग 1 | Shri Jain Sidhant Prashnottar Mala : Bhag-1

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Shri Jain Sidhant Prashnottar Mala : Bhag-1 by मगन लाल जैन - Maganlal Jain

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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£ ৬ ज्ञात होने की शक्तिका नाम और उसका व्युत्पत्ति अर्थ ११६ जड़त्व फिसफा अनुजीबी गुण ? ৯০৯ जा नहीं जानते ऐसे द्रव्य प्रो खत परिणमित होते हैं उसमे कौन-सा गुण सिद्ध हुआ १ १४२ जा नाश न हो, दूसरे में एफमेक न है। चद किस गुणक कारण १४४ जीय शरीर को नदीं चला सकता, तो मुर्दा क्‍यों नहीं चलता. १८६ जीवत्य गुण १७५ जीवके अनुजीबी-प्रतिजीवी गुण, १०९०२ जीपद्॒व्य ५ जीव, पुल, आकाश और वाज्को दो-दो भेद में रखो ३६ जीवद्रव्य क्रिस क्तेत्रम कमी नहीं जाता १? ओीर उमकाकारण 9४ जीयादि द्रव्य कितने और कहाँ हैं ? २६ जीवादि छह द्वव्यों में दो भेद करो ३१ जीबफे शअ्रस्तित्वादि गुण जानने से क्या लाम ¶ ४६ जीब द्रव्य में श्रगुरुलघु गुणके फारण द्रत्य-ज्षेत्र-हल-मायकी मर्यादा बताओ १२१ जीप द्रव्यकी उपरोक्तानुमार सयोदा समभने से क्या लाभ १२२ जीवका आफ़ार किसप्रकार सकाच-विस्तार को भराप्त होता है. २०२३ जीवमें पिमाव व्यंजन पर्योय कहाँ तक है २०८ जीव एकेन्द्रियद्शा में जाये घहाँ उध्के गुण घट जाते हैं. और पचेन्द्ियमें जाने सै षद भाते है १३३ जो नहीं जानते ऐसे द्र्य भी स्यत. परिमित दते है उममे कौनसा गुण कारणरूप सिद्ध होता दे. १५२




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