धर्म और दर्शन | Dharm Aur Darshan

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
शेयर जरूर करें
Dharm Aur Darshan by देवेन्द्र मुनि शास्त्री - Devendra Muni Shastriश्री पुष्कर मुनि जी महाराज - Shri Pushkar Muni Maharaj

यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटी है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं |

लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :

देवेन्द्र मुनि शास्त्री - Devendra Muni Shastri

देवेन्द्र मुनि शास्त्री - Devendra Muni Shastri के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

श्री पुष्कर मुनि जी महाराज - Shri Pushkar Muni Maharaj

श्री पुष्कर मुनि जी महाराज - Shri Pushkar Muni Maharaj के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
घर्मं और दशन छमन को जो भी अभिराम प्रतीत होता है, वह सब धर्म का ही फल है # इस कथन से भी यह स्पष्ट हो जाता है कि धर्म का सम्बन्ध न केवल आध्यात्मिक श्रेयस्‌ से है, अपितु हमारे वर्त्तमान जीवन के साथ भी है । घर्मव्याख्या धर्म शब्द का व्याकरण शास्त्र के अनुसार अर्थ है--घारण करना 1 जो घारण करता है वह धम है ।* 'घृत्र' घातु मे मत्त या “म” प्रत्यय जोडने पर 'धर्म' शब्द निष्पन्त होता है। जो दुर्गतिपात से प्रारियो को बचाता है, वह घम है | कणाद के कथनानुसार जिससे अभ्युदय ९ भम्मेण बुलप्यमूदइ धम्मेण य दिव्वरूवसपत्ती। धम्मेण धणसमिडी, घम्मेण सुवित्यडा वित्ती॥ धम्मो मगतमखल, ओक्षहमउल च सव्वदुक्लाणा । धम्मो यलमवि विउल, धम्मो ताणद सर्णच॥ कि जपियण बहुणा, ज ज दीसइ सब्वत्य जियलोए । 181 मणाभिराम, ते तत धम्मफल सव्व ॥ --समराइच्चकहा ६ धारणाद्‌ धममित्याहु(त) धारणाद्‌ धम उच्यते 1 महाभारते, कण पव ७ धूमे धारणो, स्प धातामत्‌ प्रत्यया तस्येद र्पम्‌ धम इति) --ददावं* शिन० घूणि ঘুণ १४ ८ धृणष धारण, इत्पश्य धातोमप्रत्ययाम्तस्येद रुपम्‌ घम इति । --दणवे० हारि० टश्च, पचर २० ६ गस्मार्जीष रक्तियम्पानिवुमानुषदेवत्वषु प्रपतेत धारयतीति धम, उक्वञ्प~- दुमतिप्रसृतान्‌ जीवान्‌, यस्माद्‌ धारयते ठत 1 धपे ततान्‌ शुमस्यानं तस्माद्‌ धमं इति त्यत ॥ --रगवं° जिन० पूणि० प० १४




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :