आँगन के कर द्वार | Aagan Ke Kar Dwar
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
0.45 MB
कुल पष्ठ :
82
श्रेणी :
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No Information available about सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' - Sachchidananda Vatsyayan 'Agyey'
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मील का किनारा झील का निर्जेन किनारा और वहू सहसा छाये सन्नाटे का एक क्षण हमारा | बेसा सुर्यास्त फिर नहीं दिखा चेसी क्षितिज पर सहमी सो बिजली वेसो कोई उत्ताल लहर भौर नहीं आपी न वेसी मदिर बयार कभी चली 1 वेसी कोई शक्ति अकल्पित ओर अपाचित फिर हम पर नहीं छायी । चेता कुछ और छछी काल ने हमारे सटे हुए छिछारों पर नहीं लिखा । चेसा अभिसंचित अभिमन्त्रित सघनतम संगोपन कल्पान्त दूसरा हम ने नहीं जिया 1 देसी शीतल अनल-शिखा न फिर जछो न चिर-काछ पी न हम से सेंभछी 1 या कि अपने को उतना वेसा हमीं ने दुबारा फिर नही दिया ? उ लॉपन के पार द्वार
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Sonu
at 2022-07-30 17:44:27