यूनानी सिद्ध योग संग्रह | Younani Sidh Yog Sagrah

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Younani Sidh Yog Sagrah by वैद्यराज बाबू दलजीत सिंह- Vaidyaraj Babu Daljeet Singh

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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यु जू-याग-सग्रह र्‌ 6 ज्करककार १ १--छुसे काफूर ठुछ॒वी द्रव्य और निर्माणविधि- अनविध मोती चंगाठोचन कतीरा गेहूँका सत निशास्ता --प्रत्येक ९ मादा शुलाबका फूल सफेद चन्दन निलोफरका फूल सूखी घनियाँ रक्तचन्दन छिले हुए खुरफेके बीज तरवूजके बीजकी गिरी सीटे कह के बीजकी गिरी-- प्रत्येक एक तोला देढ़ माशा ओर काफूर कैसूरी कपूरका एक भेद र। साशा । इनको कूट-छानकर इसबगोठके ठबाबमें घोटकर चक्रिकाएँ बनायें । मात्रा और अज्लुपान--४ मादेकी सात्रामें उपयुक्त अजुपानसे सेवन करें । गुण और उपयोग--तीघ्र ज्वर राजयच्मा ओर उरःक्षत एव इनसे होने- चाले अतिसारमें उपयोगी है । २--छुस तवाशीर मुलय्यिन अप द्रव्य आर चिमार्थाविधिन- चद्चछोचन श्वेत तबाणीर सफेद १ तोला २ मादा खुरासानी तरजबीन खुरासानी यवासचर्करा १०॥ साशा गेहूंका सत निशास्ता मीठे कद के घीजकी गिरी खीरा ओर ककडीके वीजकी गिरी बूलका गोंद समग अरबी कतीरा पोस्तेका दाना--प्रत्येक डे॥ सादा । इनको कूट-छानकर इसबसोलके छवावमें टिक्िया बना लें । सात्रा ओर अदुपान--७ मादा यह ओपध खाकर ऊपरसे € साझा गाव- जवानका जर्क जर्क यावजवान . पी लेवें । गुण और उपयोग--राजयन्मा उर-क्षत सिजादी बुखार तपे मुदरिका 2 झुष्क कास और सीनेकी कर्कणताके लिये परमोपयोगी है सदुसारक ओर सताप- हारक भी है एवं वृपाको भी दामन करता है ।




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