उर्दू हिन्दी कोष | Urdu Hindi Kosh

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Urdu Hindi Kosh  by रामचन्द्र वर्मा - Ramchandra Verma

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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प्रस्तावना कोई डेढ़ वर्ष पृव॑ जब मेरे प्रिय मित्र श्रीयत नाथूरामजी प्रेमी मदरासकी ओर भ्रमण करने गये थ, तत्र वर्हक्रि अनेक हिन्दी-प्रमियां तथा प्रचारकेनि आपसे एक ऐसा कोश प्रकाशित करनके लिए कहा था जिसमें उदू भाषामें प्रयक्त हानवाले अरबी, फारसी आदिके सब शब्दोकं अथ हिन्दीमे हां । वहसे लॉटकर प्रेमीजीने मुझे एक ऐसा कोश प्रस्तुत करनेके लिए लिखा। ने इसकी तैयारीम हाथ तो प्रायः उसी समय लगा दिया था, परन्तु बीचमेँ कई ओर आवश्यक काम आ जानेके कारण इसकी तेयारीमे लगभग एक वषेका समय रूग गया। ओर तब छः-सात मासका समय इसकी छपाइमें लगा; क्योंकि इसका एक प्रूफ बम्बईसे मेरे पास काशी आता था; ओर इसलिए एक फार्मके छपनेमें आठ-दस दिन लग जांते थ। अन्तम अब जाकर यह कोश प्रस्तुत हुआ है और हिन्दी पाठकोंके सामने उपस्थित किया जाता है। जैसा कि में ऊपर कह चुका हूँ, यह कोश वास्तवमें उन मदरासी भाइयोंकी आवश्यकताएँ पूरी करनेके लिए बनानेका विचार था जिनमें इधर दस बारह वर्षोसे हिन्दी भाषाका प्रचार खूब जोरोंसे हो रहा है और जिनमें अब लाखों हिन्दी-जाननेवाले उत्पन्न हो गये हँ । आन्ध्र, तामि, तेलगू ओर मल्यालम आदि भाषाएँ बोलनेवाले जब हिन्दी पढते हैं, तब स््रभावतः उन्हे फारसी, अरबी आदिके भी बहुत-से ऐसे शब्द मिलते हैं जिनका ठीक ठीक अथ जाननेमें उन्हें बहुत कठिनता होती है। अतः आरम्मम विचार केवल यही था कि उर्दू कवियोंकी कविताओं में जितने शब्द आते हैं, केवल उन्हीं शब्दोंका एक छोटा-सा कोश बनाया जाय | पर जब मेंने इस कोशके लिए शब्द-संग्रहका काम आरम्भ किया, तब मुझे ऐसा जान पडा कि उदू पद्मके अतिरिक्त ऊदू गद्यमें प्रयुक्त होनेवाले शब्द भी इसमें सम्मिलित कर लिये जायें तो इस कोशसे दक्षिण भारतके हिन्दी-प्रेमियोंकी आवश्यकताके साथ साथ उत्तर भारतके भी हिन्दी




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