किससे क्या सीखें | Kisse Kya Sikheyn
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
200
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)শিमुहम्मद साहव का मद्य-निषेध ६शिष्य ने कहा--“विलकुल आपको ही समर्पण कर
दिया था}
गुरुजी ने कद्दा--“तो फिर उसका क्या हुआ, क्या नहीं
हुआ, इसकी पंचायत तु किसलिये करता है ?”
.. खचमुच पर-दुःख निवारण करने के लिये अपनी प्रिय-से-
प्रिय ओर क्रीमती-से-कीमती वस्तु का त्याग कर देना
संन्यासियों का लक्षण है।, (६४)
मुहम्मद साहव का मद्र-निषेधमद्ापुरुष मुहम्मद पेग्रंवर ने अपने योवन-काल में एक
गाँव में जाते समय देखा कि संध्या-समय अनेक अरब लोग
हक होकर शराब पी रहे हैँ, और इस अवस्था में खूब
दख रदे तथा आनंद-पू्वेंक समय बिता रहे हैं। दूसरों
को सुखी देखकर स्वभावत: एक सात्त्विक पुरुष को जो
आनंद होना चाहिए, चह मुहम्मद् साहवच को उस दिन
हुआ ।दूसरे दिनि लौटते खमय «न््होंने देखा कि वहाँ बहुत-
सा रून बद रहा है! पूछ-ताछ करने पर मालूम हुआ कि
बहुत शराब पीकर उन अरब लोगों ने गई रात को बहुत
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