बीजक | Beejak

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अभिलाष दास - Abhilash Das

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कबीरदास - Kabirdas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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शि; य3 > 15(~~ «& 4© $ = ऋ =+ ह ह =१८२८.সি,१३.9४.१५.१६.१७.१८.१९.२०.२४.९.२६.२७.निस्तार भोगो क्रे तयागीनहिं परतीत जो यह संसारापुरोहितों की मानवता-विरोधी व्यवस्था कौ भर्त्सना बड़ सौ पापी आहि गुमानीअन्नान-ति मे मनुष्य का भटकाववोनई बदरिया परिगौ सं्ञा चलत-चलत अति चरण पिरानातुम स्वयं महान हय, अपने रामरूप का स्मरण करौ जस जिव आपु मिले अस कोईसंशय-पशु को मारोअदूबुद ন্ वरणि नहिं जाईप्रांति छोड़ो, राम में मो...अनहद अनुभव की करि आशामन के विकारों से हटकर अविनाशी হান দলা अब कहु राम नाम अविनाशीग़म के ज्ञान से ही दुखों से छुटकारा हैबहुत दुःख दुख दुख की खानीमोह-मन्दिर में मत घुसोअलख निरंजन लखै न कोईविषयुख अल्प है, आत्मसुख नित्य हैजल्प सुख दुख आदिड अन्तातुम स्वयं सर्वोच्च सत्ता होचन्द्र चकोर की ऐसी बात जनाईजिसे खोजते हो वह तुम स्वयं होचौंतिस अक्षर का इहै विशेषानिज चेतनस्वरूप को पहचानने वाला सर्वोच्च है आपुहि कर्ता भये कुलालासंसार प्रकृति-पुरुषमय हैब्रह्मा को दीन्हीं ब्रह्मण्डाकर्म-पट कीनने वाला जीव-जोलाहाजस जोलहा काहु मर्मन जानारजोगुण से उठकर स्वरूपज्ञान में स्थित होओ बजह ते तृण खिन में होई# क = क ५ क# ४ # ® 9क क # # क छ# ४ # क फे क४ @ ७ @ 9 #कक कक# न क # # च# #@ # # न छ898११.# # के # क #1क # के ७# @ # # 4# # $ क ० च# क ® # # 918585११.भै 9 न + च# # श # क के# $ # # १ #৪৬৬৯৪89.१.११कक $ ७ ४ ७के से के के ७के के के # कभीॐ क कै # क न9 *# # र के# ७ @ #@ ककक के के के के




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