ब्रह्मविलास | Brahmavilaas

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Brahmavilaas by नाथूराम प्रेमी - nathuram premi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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| ৃ । ताते कल्यो कीजियतु ह ॥ १६॥ শান্ত ৩০ব০৩৪১৩৩ব১এএ১৩৬ব১৮৫৪৩৫০৩৮৫১৪এ৪৮৪১৩০৪০হ৪৩৮ 8 है शतभणोत्तरी ११ ५ देखत देव कुदेच सवे जग, राग विरोध धरे उर दो है। ॥ ताहि विचारि विचक्षम रमन! पर देखु तो देखत को ३।१३॥ ट्य 8 9 8 | कवित्त 9 । सुनो राय चिदानंद कहोजु सुवुद्धि रानी, कहें कहा बेर बेर नेकु | 8 तोहि लाज है । कैसी लज कहो कहां हम कछू जानत न, हमे इ ( हां इंद्ननिको विपे सुख राज है ॥ अरे मूढ विषै सुख सेयं तू अने वेर, अज दहं अधायो নাহি कामी शिरताज है। मानुष जनम पाय ¢ आरज सुखेत आय, जो न चेत हैसराय तेरो ही अकाज है॥१४॥ ¦ सुनो मेरे हंस एक बात हम सांची कहें, कहो भ्यो न नीके 3 कोउ मुखह गहतु है। तुम जो कहत देह मेरी अरु नीके राखों, देह तेरी राखी थे रहतु है? ॥ जाति नाहिं पाति ' ? নাহি रुपरंग भांति नाहिं, ऐसे झूठ मूठ कोउ झूंटोह कहतु है। ५ चेतन प्रवीनताई देखी हम यह तेरी, जानिहो जु तव दी ये दुख | 8 सुनो जो सयाने नाह देखो नेक योय खहु, कोन विवसाहु . । जाहि ऐसे लीजियतु ই। दस चोर विैसुल ताको कदो केतो ¢ दुल, परिक नरक कोलो सीजियतु ३ ॥ केतो कारु बीत गयो अजहू न छोर ख्यो, कटं तोहि कहा भयो एसे रीन्चयतु শু है। आपु ही विचार देखो कहिवेकी कोन लेखो, आवत परेखो मानत न मेरो कह्यो मान वहृतेरो कल्यो, मानत न तेरो ययो कहो कहा कहिये ?। कोन रीक्षि रीक्षि रह्मो कौन वूझ वृह रहो, ऐसी बाते तुमे यासों कहा कही चहिये ! । एरी मेरी रानी तोसों খা कौन है सयानी सखी, एतो वापुरी विरानी तू न रोस गहिये। (१ ) दिन. ( २) विचारी. €5৫১2৩2০৩৮৪৮০৩৮৪০৩১৪৩৮৪এ৮০এ৬প্ি ওর




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