आधुनिक हिंदी काव्य में परंपरा तथा प्रयोग | Adunik Hindi Kavya Mai Parampara Tatha Prayog
श्रेणी : सभ्यता एवं संस्कृति / Cultural

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1680.46 MB
कुल पष्ठ :
516
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)हु 3: 3विरोधाभास -विवेचन - चित्र परम्प रा--आलो-
च्य काल में प्रतीक परम्परा--प्रकृति मूलक प्रतीक--यथार्थता
मूलक प्रतीक -छन्द परम्परा--छंद का. महत्व--मात्रिक छंद
सममात्रिक छन्द - अर्थसममात्रिक छन्द -- विषम मात्रिक
छन्द -वर्णाबत्ति--अन्त्यानुप्रास - गीत--पाद
और भाव का सम्बन्ध -- निष्कर्ष -असत् का वर्णन--सत् का
वर्णन न करना--नियम ।द्वितीय खण्डआधुनिक हिन्दी काव्य में प्रयोगसप्तम अध्याय र७६-३१४वस्तु उपादनों में प्रयोग--प्रयोग के प्रेरक स्रोत -वेज्ञातिक
उन्नति - सांस्कृतिक पुनरुत्यान -- राष्ट्रीय आन्दोलन. स्वच्छन्दता
वाद - साम्यवाद - मनोविश्लेपण -- यौन-भावना - प्रयोगवाद
प्रपदयवाद --तवीन वस्तु तथा उपादान मात भूमि
तिम्नवर्ग - संस्कृति -- वाद --विवेचन -
राजनीति - सिद्धान्त निरूपण--पूंजोवादी वर्ग से सम्बन्धित
विषय --श्रमिक वर्ग से सम्बन्धित विषय -- वैज्ञानिक विषय--
अणुवाद--पदार्थ को अनश्वरता - विकास वाद का सिद्धान्त
अन्तर-राष्ट्रीय विषय सारांश ।' अष्टम अध्याय ३१५-३५५८
भाव-ब्यंजन में प्रयोग--प्रकृति विषयक रति--अव्यक्ति प्रिय
विषयक रति -दास्य के छ्षेत्र में प्रयोग--व्यंग्य- व्यक्ति--परि-
वार--समाज--स्वयं कवि-परिहास- मधुर हास--परोडी
--वीर रस के क्षेत्र में प्रयोग -वीररस के आश्रय में परिवर्तन
--वीरत्व को आश्रय नारियाँ--वीरत्व का आश्रय देशभक्ति
बीरत्व का आश्रय पाठक--वीररस के नये आलम्बन--वीररस
के नये संचारी भाव--विवेचन - करुण रस के क्षेत्र में प्रयोग --
राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक पतन से सम्बन्धित विषय दलित वर्ग
से सम्बन्धित विषय -बलिदान तथा जौहर के विषय--अव्यक्त
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