संसार के स्त्री - रत्न | Sansar Ke Estari Ratn

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
178
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)लोन ऑफ़ श्रा १५वके थे, उसे इस प्रकार फिर-से लड़ती हई देखकर भयभीत हो गये।
कई कहने लगे--फ्रॉसीसियों की सहायता सें सेंट माइकल को श्वेत
घोड़े पर चढ़कर लड़ते हुए हमने स्वयं देखा है |? अंग्रेज़ परिणामतपरास्त हुए, पुल छिन गया, अट्टालिकाएईँ भी छिन गई और दूसरे
दिन बह अपने मोचा को आग लगाकर भाग गये |परन्तु अंग्रेज़ सेनापति बहुत दूर न भागा ओर पास हीजागो नाम के एक गाँव में जा छिपा। ओलियन की देवी” ने उसेवहाँ जाकर घेर लिया ओर वन्दी वना लिया । जोन जब अपनीश्वेत पताका के साथ प्राकार फाँद रही थी, तव एक पत्थर उसकेसिर में लगा ओर वह फिर खाई में गिर पड़ी । पर वह खाई मेंगिरी हुई भी यही चिल्लाती रही--वढ़ते चलो, भेरे देश-बासियों !
आगे बढ़ते चलो 1)इस विजय के पश्चात् अंग्रेजों ने वहुत से दुगे बिना युद्ध किये
ही डोफ़िन को लोटा दिये । पेटे ( 7०६४० ) के स्थान पर जोन ने
वची-ख़ुची अंग्रेज़ी सेना को भी खदेड़ दिया ओर उस भूमि पर,
जहाँ वारह सो अंग्रेज़ सेनिक खेत रहे थे, अपनी विजय-पताका .
गाड़ दी ।श्रव उसने डोफ़िन से ( जो रणभूमि से सदा दूर ही रहता
था ) रीम्स नगर में जाने का अलन्लरोध किया । उसने कहा--मेरे
उद्देश्य का एक अंश तो सफल हो गया है । आपके शत्रु परास्त हो
चुके हैं। अब आपको केवल राज-तिलक देना शेष है ।? यद्यपि
डोफ़िन रीम्स में जाने से डरता था, क्योंकि एक तो रीम्स बहुत दूर.
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