नमस्कार चिन्तामणि | Namaskar Chintamani

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8.25 MB
कुल पष्ठ :
328
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)्रूंमिनकन दइस पुस्तक में 'नवकार महाभन्त्र' की सहिसा बड़े सुन्दर
व्यसे वशित की गई है । न्वर्कार मन्त्र का महत्व, जाप करने
की विधि, उसका लाभ आदि पर अत्यन्त सरल तथा रुबोंध
भाषा सें प्रकाश डाला गया है ।वम्तुत: जैन-समाज से भी अधिकांश ऐसे <यक्ति हैं, जो
लवकार मन्त्र का जाप तो करते हैं, लेकिन उसके गूढाथ को
नहीं समकते । मुम्े पूरा विश्वास है कि थ६ पुस्तक जैन तथा
जैनेतर समाजजों के णिये बढ़ी उपयोगी सिद्ध होगी |ऐसे लोकोपयोगी प्रकाशन के लिए में व्यपको हादिक
बधाई देता हूँ । ,पुस्तक का अ+छुवाद झच्छा हुआ है। पढ़ने सें ऐसा लगताथकहै मानों पुस्तक मूल रूप से ही लिखी गई है।
जी यशपाल जब
* ** *'.. (अख्यात साहित्यकार )डेप्रमिश्राथ €मूल “नमस्कार घचिन्तामुि', मुनि श्री छुन्दूडन्दविजयजी ने
सुजराती में लिखी है । पुस्तक की लकम्रियता से प्रभावित होकर
शी चॉद्मल सीपाणी ने इसका दिन्दी में झनुवाद किया है ।
इसमें मन्नाघिर।ज 'नवकार' सच को विधिध रीति से व्यापकता
एवं महा बताइ गई है । 'निवकार' मत्र के ध्रभी साधको केलिए यह झंथ झत्यन्त उपयोगी है। भाषा रोप्चक तथा मुद्रण
उपस डर ।श्रमसर भारती
अक्टूबर १९७४
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