शालग्राम निघण्टुभूषणम | Shalgram Nighntu Bhusnam

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Shalgram Nighntu Bhusnam by खेमराज श्रीकृष्णदास - Khemraj Shrikrashnadas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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मूमिका ) (२३ ) द दर्शवे वान्यवर्गमें शालिभादि अनेक प्रकारके उत्तमोत्रम धान्मोका ॥ १० ॥ य्यारददें शाकवर्गमें वधुवा, कुरका, चुका, मरसा, चौलाई, पालक आदिका वर्णन ॥ ११॥ ,तारहेवें बाखिगेम नदी, कूप, तडाग, वर्षा भांदि सव प्रकारंक पानीका चर्णन ॥ ११ ॥ तेरवें दुशयवर्गम गाय, मेंस, बकरी इत्यादि सब अकारके दूधका वर्णेन ॥ १३ ॥ चौदहें द्घिवर्गत सच प्रकारके दिका विस्तारसहित वर्णन ॥ १४ ॥ पर्व तक्रयर्गर्मे सच परकारकी उाँछ, मंह्ेेका सम्पूर्ण वर्णन किया है ॥९५॥ सोहवें नवनीतवर्गमें मक्द्वन (नैनीधी) का भलीमौति वर्णेन कियादे॥ १९॥ सम्रहवे घृतवर्गमें सबप्रकारके घृतोंका भिन्न भिन्न वर्णनकिया है॥ १७ ॥ अठारहवें मृत्रवर्गमें, मनुष्प, हाथी, घोडा, बकरी आदिके मत्नोंका सम्पूर्ण ॥ १८ ॥ उन्नीसवें तैंलवर्गमें तिल, सरसों, रादी, इत्यादिके तेल्का वर्णन ॥ १५ ॥ वीसर्वे अर्कवर्गमं सब ओपधियोंके अरकोक्े गण दोष ॥ २० ॥ इफ्ीसदें इक्ष॒बगैमें सब प्रकारकी ईखोंका वर्णन ॥ २१ ॥ बाईसवें सन्वानवर्गेमं सब प्रक'रकी कॉजी, अचार, सिरका मदिरा ( दराव ) आसवम्रभूतिका वर्णन ॥ २२ ॥ तेईसवें सख्यावगेर्म ज्िफला,जिकुटा, पश्चवर्गादि ओोषधियोंका वर्णन ॥ ३ रे॥ ॥ इति पूवार्द्ध ॥




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