क्रियोडींश | Kriyodinsh

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutBaladevprasad Mishr
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
176
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about बलदेवप्रसाद मिश्र - Baladevprasad Mishr
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)तकमापादीकासमैत) |... (४५३)फूषोणि । हुम्बादिवा तथा देवि शान्तते दृत्युक्येडपि
थृ ॥ आकषणे तु मघुना भस्मना कूरकर्माे ।अब शिवस्रान कहाजाता है । वहयकमेमें घृत और मधुसे
स्नान करावे, ,शांति तथा सृत्युज़्यजप कमेमें दुग्धादिकसे
स्नान करावे, आकपेण करममें मधुसे स्तान करावे, कर कमेमें
भस्मसे स्नान कराये ।अस्य परिधाणम्-शततोलकमानेन हव्यमेसत्य-
कीतितम् । तन्माने साथिदाचूर्ण-नेंवेध व सुरेशारि॥
बिल्वपर्त तथा एप्प दद्यादशेत्तरं शतम । शांतिकादो
द्ोणपुप्पं बबेश चाभिचारके ॥ स्तम्मने मोहने चेवे
घन्तर कमकाह्यम । विद्वेषोच्वाटने देवि विंजयाप्य-
पराजिता ॥ चत॒दृश्यां तमारभ्य यावरन्या चह्॒शी॥
एकूक कमझो लिग॑ पूजयेद्रक्तिभावतः । अशापक-
सहझ्लं तु जप कुर्यादिनोदिने ॥ उत्ाहे सत्त- किड्लानि

User Reviews
No Reviews | Add Yours...