अलबेरूनी का भारत खण्ड तीसरा | Albureni ka bharat Vol - 03

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Albureni ka bharat Vol - 03 by पं संतराम जी - Pt. Santram Jee

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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' विषय-सूची श्द श्र० ६, रलो० १-लघुजातकमू, अ० ६, शलो० २--दूसरा प्रकार- - तीसरा प्रकार--ज्ञघुजातकम्‌, झ ६० श्लो० १--लग्न के दिये हुए जीवन के वप--जीवन की संखिति के लिए विविध परिसंख्यान-- जीवन की संस्थिति के परिसंख्यान के अकेले-झकेले तत्त्व--एक ग्रह पर दूसरे अर का प्रभाव -कैसे पड़ता है--हिन्दू-गणकों के झन्वे-' पण की विशेष रीतियाँ--लघुजातकम्‌, झ० ३, श्लो० ३--लघुजा- तकमू, झ० १२, श्लो० ३, प--धूमकेतुओं पर--वरादसिहिर की संदिता से झवतरण--वरादमिहिर की संहिता से श्रोर झवतरण-- उल्का शाख्र पर--उपसंहार । प्रषप्ठ २७०--३१६ | ठीका--ष ३१७--पर । सनुक्रमखिका--एप्ट उप३--ड०




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