केशव कोष भाग - २ | Keshav Kosh Part-ii

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Keshav Kosh Part-ii by करुणपति त्रिपाठी - Karunapati Tripathi
लेखक :
पुस्तक का साइज़ : 24.25 MB
कुल पृष्ठ : 538
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करुणपति त्रिपाठी - Karunapati Tripathi

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केशव कोश पनहियाँ-- सं० स्री० बहु० । जूते । क० ६- है पनही--सं० पु ० एक० । जुता । रा० €- र६-१ 1 पनट्टीं--सं० स्री० बहु । जूतों को । वि० श६-३८-२ ॥ पना--सं० पु ० एक० । इमली आदि के रस या गुददे से तैपार क्या जानेवाला एक प्रकार का पेय पदार्थ . मीहदा ॥ रा० १६-२६-२ | पनार--सं० पु० एक०। माला । रा० ३६- राइस पन्नग--सं० पु० एक० । साँप । क० ७-१६- २१ सं० पु ० बहु । सपा । वि० २- २६-र। पन्नगप--१-सं० पुर एक० । बडे-बड़े साँपो के राजा वासुकी । रा० 9-३६-३ । र-सं०् पु० एक०। सपं | रा० हे- ६-१ । १४-९७-३ । पन्नगी--सं० स्री० एक० । स्पिणी नाग- कन्या । र० प्रिं० दे-४ २ । -र१-२ । रा० १३-४०-९२। र६-र-१ । . पवर्गेमय--वि० ( विशेष्य--पावक ) । फनी विष मस्म मुखहर ऐसी वस्तुरें जिनके नाम प फ ब भ मे से प्रारम्म होते हैं । क० प्रि० ६-६५-१ । . पबिपात्त--सं०पु ०एक० । वख््पात विजली का गिरना | रा र३-१६-१ । पविश्रचदी--सं० स्त्री ०. एफण् । फ्रीच द्वीप की एक वनस्पति वि० ४-१७-१ । पय--दपयु ( पोना ) असुचू] १-सं० पु ० दर ४२३ एक० । पानी 1 र० प्रि०। ३न४४-१ ॥ ७रने४ । ११-६-१। क० ७-२२०१ । ७रदादे । रा० है रन२। १४-३७-४ ३ रेरेश७-३। र६-१२०१। रनसं० पु एक० । दूध । वी० १५-१७। पंयद्रन-- सं० पु ० बहु० । पैदल । र० १०२६२ । गा पयदल--सं० पु० बहु० | पैदल । वी० अर । १रन१२। पयपान --१-सं० पु० एक० | दुग्धाहार पानी का पान बढ्वानल के पक्ष में) । रा० र०-४६-२। र-स० पु० एक० | दूध का पान ( सरद्वाज के पक्ष में ) । रा० २०-६०-१ ॥ पय पावनता--स० स्त्री० एक० । जल की पवित्रता स्+च्छन्दता । क० ७ २२-१ । पयपूर--स० पुः० एक्० | वारिघारा जल- प्रवाह । ६-६४ | पयादे--सं० पु० एक० । पैदल सिपाही । क० र६-१८२। पयान--सं० पु० एक० । दिग्विजय हेतु सेना को रवानगी । ८-१९ । ८-२र२। १०-१८-३ । पयो--सं० पु ० एक० । पानी | पवि० ११- ब७-१ | पयो देवता--स०स््री एक ० | जलदेवी | रा० २०-६१ । पयोधर--१ सं० पु ० बहु । १ कुच .. ( कालिका के पक्ष मे ) । (२) बादल ६ वर्षा के पक्ष मे ) .। क० ७-३२-६। रा० १३-१९-१ । र-सं० पु० बहु । कुच-शारदा के पक्ष मे । बादल-शरद




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